---विज्ञापन---

दिल्ली angle-right

Delhi Police: कंझावला हादसे के बाद अलर्ट मोड पर दिल्ली पुलिस, रोहिणी के DCP ने बनाया ये प्लान

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में कंझावला हादसे के मद्देनजर रोहिणी जिले के पुलिस उपायुक्त (DCP) गुरिकबाल सिंह सिद्धू ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने जिले के सभी इंस्पेक्टर स्तर के कर्मियों को रात की ड्यूटी के दौरान लाइव लोकेशन शेयर करने के लिए कहा है। ये भी कहा है कि बिना उनकी अनुमति के थानों […]

---विज्ञापन---

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में कंझावला हादसे के मद्देनजर रोहिणी जिले के पुलिस उपायुक्त (DCP) गुरिकबाल सिंह सिद्धू ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने जिले के सभी इंस्पेक्टर स्तर के कर्मियों को रात की ड्यूटी के दौरान लाइव लोकेशन शेयर करने के लिए कहा है। ये भी कहा है कि बिना उनकी अनुमति के थानों से बाहर नहीं जाना है।

डीसीपी के मैसेज में पेट्रोलिंग, लोकेशन शेयरिंग और पुलिस स्टेशन में उपस्थिति तीन महत्वपूर्ण बिंदु हैं जिन पर बल दिया गया है। मैसेज में लिखा है कि सभी थाना प्रभारियों (SHO), सभी थानों के इंस्पेक्टर क्षेत्र में गश्त ड्यूटी करेंगे और अपने लाइव लोकेशन को शेयर करेंगे।

---विज्ञापन---

और पढ़िए – एयर इंडिया फ्लाइट में महिला पर पेशाब करने वाला शख्स गिरफ्तार, बेंगलुरु से पकड़ा गया

---विज्ञापन---

कहा गया है कि कोई भी पुलिस अधिकारी (एसएचओ, एटीओ, ब्रावो) डीसीपी की अनुमति के बिना पुलिस स्टेशन नहीं छोड़ेगा। पूरी रात ड्यूटी करने वाले एसओ अपनी पोजीशन अपडेट करेंगे। 12 बजे से 4 बजे के अलावा एसएचओ, ब्रावो, एटीओ अपने स्थानों को अपडेट करना जारी रखेंगे।

डीसीपी के निर्देशों को बता रहे तुगलकी फरमान

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ पुलिस कर्मी डीसीपी के निर्देशों को ‘तुगलकी फरमान’ बता रहे हैं, उनका तर्क है कि इस तरह के निर्देश (उनके लिए) अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना मुश्किल बनाते हैं।

---विज्ञापन---

क्या है कंझावला हादसा?

कंझावला हादसा मामले में आरोपी अमित खन्ना के भाई ने शुक्रवार शाम सुल्तानपुरी पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण कर दिया। इससे पहले उत्तर पश्चिमी दिल्ली में छठे आरोपी आशुतोष को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बता दें कि अमित खन्ना के भाई पर आरोप है कि उसने बलेनो के ड्राइवर के बारे में झूठ बोला और सबूतों के साथ छेड़छाड़ की।

20 साल अंजलि सिंह को कथित तौर पर घसीट कर ले जाने वाली कार के मालिक का रिश्तेदार आशुतोष भारद्वाज और अंकुश खन्ना आरोपी को बचाने में शामिल थे। यह भी पता चला है कि यह अंकुश ही था जिसने एक अन्य चचेरे भाई दीपक को अपने ऊपर दोष लेने के लिए राजी किया था। पुलिस को बताया था कि दीपक ही बलेनो चला रहा था। इसके पीछे का कारण ये था कि हादसे के वक्त बलेनो चला रहे अमित के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था।

---विज्ञापन---

और पढ़िए – ट्रेन से उतरते वक्त छूटा 2 साल के बच्चे का खिलौना, यात्री की शिकायत के बाद अधिकारियों ने किया ये कमाल

मामले में ये किया जा चुके गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस इस मामले में दीपक खन्ना (26), अमित खन्ना (25), कृष्ण (27), मिथुन (26) और मनोज मित्तल को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। बता दें कि  20 साल की अंजलि सिंह की नए साल पर बाहरी दिल्ली में सुल्तानपुरी से कंझावला तक 12 किमी तक एक कार की चपेट में आने और घसीटने के बाद मौत हो गई थी। उसकी दोस्त, निधि, जो दुर्घटना के समय उसके स्कूटर पर पीछे बैठी थी, ने दावा किया है कि वह दुर्घटना के बाद साइड में गिर गई और मौके से भाग गई क्योंकि वह डर गई थी।

---विज्ञापन---

और पढ़िए – देश से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें

First published on: Jan 07, 2023 11:03 AM

End of Article

About the Author

---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola