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सांसद बदरुद्दीन अजमल बोले- ज्यादा बच्चे पैदा करें, CM हिमंत बिस्वा का जवाब-परवरिश का खर्च आप उठाएंगे

असम: ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईडीयूएफ) के प्रमुख और सांसद बदरुद्दीन अजमल के ज्यादा बच्चे पैदा करने के बयान पर असम के सीएम हिमंत बिस्वा ने पलटवार किया है। सीएम ने सोमवार को कहा अगर महिलाएं ज्यादा बच्चे पैदा करती हैं तो क्या अजमल बच्चों के बड़े होने तक उनकी परवरिश करेंगे? क्या वह […]

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असम: ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईडीयूएफ) के प्रमुख और सांसद बदरुद्दीन अजमल के ज्यादा बच्चे पैदा करने के बयान पर असम के सीएम हिमंत बिस्वा ने पलटवार किया है। सीएम ने सोमवार को कहा अगर महिलाएं ज्यादा बच्चे पैदा करती हैं तो क्या अजमल बच्चों के बड़े होने तक उनकी परवरिश करेंगे? क्या वह उनका खर्चा उठाएं?

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सीएम ने आगे कहा एक औरत अगर कई बच्चों को जन्म देती है तो उसका उसका शरीर कमजोर होता है। हमारे समाज पर भी इसका असर पड़ेगा और असम तबाह हो जाएगा। औरत बच्चे पैदा करने की फैक्ट्री नहीं होती है। उन्होंने कहा बदरुद्दीन अजमल सिर्फ एक समुदाय विशेष को खुश करने के लिए कुछ भी बयान दे रहे हैं। वह वोट बैंक की राजनीति कर रहें हैं।

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दरअसल, बदरुद्दीन अजमल ने बीते शुक्रवार को बयान दिया था कि हिंदुओं को भी मुस्लिमों वाला फॉर्मूला अपनाना चाहिए और अपने बच्चों की शादी कम उम्र में कर देनी चाहिए। अजमल ने कहा था “मुस्लिम पुरुष 20-22 साल की उम्र में शादी करते हैं, और मुस्लिम महिलाएं भी सरकार द्वारा तय उम्र के बाद 18 साल की उम्र में शादी करती हैं। दूसरी तरफ हिंदू शादी से पहले एक, दो या तीन अवैध पत्नियां रखते हैं, वे बच्चों को जन्म नहीं देते, खुद आनंद लेते हैं और पैसे बचाते हैं…”। सांसद ने कहा था कि “40 साल की उम्र के बाद वे माता-पिता के दबाव में शादी कर लेते हैं … इसलिए, कोई कैसे उम्मीद कर सकता है कि वे 40 के बाद बच्चे पैदा करेंगे? यदि आप उपजाऊ भूमि में बोते हैं तभी तुम अच्छी फसल ले सकते हो, तभी विकास होगा।”

First published on: Dec 05, 2022 08:08 PM

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About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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