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क्या है मतांतरण? जिसे लेकर छत्तीसगढ़ में लागू हुआ उम्रकैद का कानून, 12 राज्यों में पहले से ही है ये सख्त नियम

राज्य के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि प्रदेश में अब धर्मांतरण विरोधी कानून पूरी तरह प्रभावी हो गया है और किसी भी व्यक्ति को धर्म परिवर्तन करने से पहले तय प्रक्रियाओं का पालन करना अनिवार्य होगा.

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छत्तीसगढ़ में धार्मिक स्वतंत्रता की सुरक्षा की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. तीन महीने पहले 19 मार्च को विष्णु देव साय सरकार द्वारा पेश मतांतरण विरोधी कानून संबंधी विधेयक को विधानसभा में पारित किया गया, जिसके बाद 8 अप्रैल को राज्यपाल रमेन डेका के हस्ताक्षर के बाद विधेयक पूरी तरह कानून में तब्दील हो गया. 10 जुलाई, 2026 से ही मतांतरण विरोधी कानून छत्तीसगढ़ में प्रभावी हो गया है, जिसे लेकर अब राज्य सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है. मतांतरण को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है. कई लोग नहीं जानते कि आखिर मतांतरण होता क्या है?

क्या है मतांतरण?

मतांतरण का मतलब होता है मत में परिवर्तन. किसी भी व्यक्ति के मत में परिवर्तन यानि विचारों में, मान्यताओं में, धार्मिक आस्था में परिवर्तन होने की प्रक्रिया को मतांतरण कहा जा सकता है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मतांतरण को सरल भाषा में धर्म परिवर्तन के नाम से जाना जाता है. धर्म परिवर्तन तो हम सभी ने कई बार खबरों में पढ़ा या सुना है. कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से एक धर्म छोड़कर दूसरे धर्म को अपनाता है तो इस प्रक्रिया को धर्म परिवर्तन कहा जाता है. भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी अंतरात्मा की स्वतंत्रता के आधार पर किसी भी धर्म को मानने, उसका पालन करने, प्रचार करने और अपनी इच्छा से धर्म बदलने का अधिकार देता है.

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उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान


हालांकि जब मतांतरण या धर्म परिवर्तन जबरन कराया जाए, तो वह गैरकानूनी प्रक्रिया मानी जाती है. यही वजह है कि भारत के कई राज्यों में पहले से ही धर्म परिवर्तन को लेकर सख्त नियम और कानून बनाए गए हैं. छत्तीसगढ़ की सरकार ने भी मतांतरण विरोधी कानून अब लागू कर दिया है, जिसके तहत दोषी पाए जाने पर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है. नए नियमों के मुताबिक अगर कोई लालच, ताकत या अन्य तरीकों से किसी व्यक्ति का धर्म परिवर्तन कराता पाया गया, उसे उम्रकैद की सजा दी जाएगी.

शादी भी हो जाएगी रद्द


इतना ही नहीं, अगर किसी विवाह का उद्देश्य ही धर्मांतरण कराना साबित होता है, तो उस शादी को कानूनी रूप से रद्द कर दिया जाएगा. राज्य के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि प्रदेश में अब धर्मांतरण विरोधी कानून पूरी तरह प्रभावी हो गया है और किसी भी व्यक्ति को धर्म परिवर्तन करने से पहले तय प्रक्रियाओं का पालन करना अनिवार्य होगा.

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First published on: Jul 17, 2026 07:12 AM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक

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