छत्तीसगढ़ के रायपुर में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी) का प्रश्न पत्र लीक करने के मामले में पुलिस ने दुर्ग के एक निजी कृषि कॉलेज के प्रोफेसर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है.

शनिवार को पुलिस ने इस मामले की जानकारी दी. पुलिस के मुताबिक, बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष के छात्रों की 20 अगस्त को होने वाली एंटोमोलॉजी यानी कीटशास्त्र की परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक हो गया था. इसके बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी.

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रायपुर की पुलिस उपायुक्त (अपराध एवं साइबर) स्मृति राजनाला ने बताया कि शिकायत मिलने के 36 घंटे के अंदर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. इनमें दुर्ग स्थित भारती एग्रीकल्चर कॉलेज के प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया (38), अजय नायक (20), त्रिदेव पटेल (22), नितिन पांडेय (22), अनुज मिंज (22) और आदित्य साहू (20) शामिल हैं.

इस मामले में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक और स्नातक परीक्षा प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉ. एन.आर. रंगारे ने तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी.

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शिकायत के मुताबिक, 20 अगस्त को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक विश्वविद्यालय से जुड़े सभी 28 कृषि कॉलेजों में बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष, द्वितीय सेमेस्टर के एजीसीएच-221 यानी कीटशास्त्र विषय की परीक्षा होनी थी. लेकिन परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्न पत्र लीक होने की जानकारी सामने आ गई.

पुलिस के अनुसार, 20 अगस्त की सुबह करीब 8:41 बजे कवर्धा स्थित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र के ई-मेल पर प्रश्न पत्र लीक होने की सूचना मिली. इसके करीब 13 मिनट बाद 8:54 बजे संबंधित अधिकारियों के ई-मेल पर भी इसकी जानकारी पहुंची. इसके अलावा छात्रों और छात्र प्रतिनिधियों ने व्हाट्सऐप के जरिए प्रश्न पत्र के कुछ सवाल वायरल होने की जानकारी विश्वविद्यालय को दी.

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जांच में यह बात सामने आई कि प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर फैल चुका था. इसके बाद अज्ञात आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2008 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया.

पुलिस उपायुक्त ने बताया कि जांच के दौरान साइबर टीम ने सोशल मीडिया और इंटरनेट पर वायरल प्रश्न पत्र, उसके स्क्रीनशॉट, फोटो, मैसेज और पोस्ट की तकनीकी जांच की. जांच से मिले सबूतों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने सबसे पहले दुर्ग निवासी अनुज मिंज को पकड़ा. इसके बाद कबीरधाम, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और आसपास के जिलों में अलग-अलग पुलिस टीमें भेजी गईं और बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया.

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पुलिस के मुताबिक, इस मामले का मुख्य आरोपी और कथित मास्टरमाइंड योगेश सोनकेसरिया है. वह 2019 से भारती एग्रीकल्चर कॉलेज में प्रोफेसर के पद पर काम कर रहा है.

पुलिस ने बताया कि पिछले करीब एक साल से योगेश अपने कॉलेज की उत्तर पुस्तिकाएं विश्वविद्यालय में जमा करने और आने वाली परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लेकर उन्हें कॉलेज तक पहुंचाने का काम कर रहा था.

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17 अगस्त को योगेश उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने के लिए रायपुर स्थित कृषि विश्वविद्यालय आया था. इसी दौरान उसने आने वाली परीक्षाओं के प्रश्न पत्र भी ले लिए. पुलिस के अनुसार, प्रश्न पत्र कॉलेज ले जाने के बाद उसने सभी लिफाफे कॉलेज में रख दिए. हालांकि, 20 अगस्त को होने वाली एजीसीएच-221 परीक्षा का प्रश्न पत्र वाला लिफाफा वह अपने घर ले गया.

पुलिस के मुताबिक, योगेश ने सुई और एक नुकीले उपकरण की मदद से लिफाफे में छोटा सा छेद किया. इसके बाद मोबाइल कैमरे से प्रश्न पत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली. उसने प्रश्न पत्र की सामग्री तैयार की और अपने कॉलेज के छात्र अजय नायक तथा दो अन्य छात्रों को 11 हजार रुपये में बेच दी.

इसके बाद अजय नायक ने यह प्रश्न पत्र त्रिदेव पटेल, नितिन पांडेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू को उपलब्ध कराया. इसी तरह प्रश्न पत्र आगे कई लोगों तक पहुंच गया और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से 11 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग से जुड़े उपकरण, केबल तार, मोबाइल कनेक्टर, सुई, सूजा, कॉपी और फेविकोल बरामद किया है.

पुलिस उपायुक्त स्मृति राजनाला ने बताया कि इस मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं. पुलिस उनकी तलाश कर रही है.