बिहार में विधान सभा चुनाव के बाद राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने बड़ा फैसला लिया है। अब तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया गया है। पटना में हुई बैठक में सर्वसम्मति से इसका निर्णय हुआ। तेजस्वी यादव के लिए यह बड़ी जिम्मेदारी होगी।
पटना के होटल मौर्या में रविवार को आरजेडी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने की। बैठक से पहले ही तेजस्वी यादव को बड़ी जिम्मेदारी मिलने के कयास लगाए जा रहे थे। हुआ भी कुछ यूं ही। राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया है। लालू यादव कार्यकाल पूरा होने तक राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर बने रहेंगे।
लालू यादव ने तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष तो बना दिया है लेकिन फुल टाइम अध्यक्ष बनने में अभी समय लगेगा। बता दें कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में लालू यादव का कार्यकाल 2028 तक है। पार्टी कार्यकर्ताओं की मानें तो लालू यादव अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। ऐसे में तेजस्वी को फुल टाइम अध्यक्ष बनने के लिए साल 2028 तक इंतजार करना पड़ सकता है।
यह भी पढ़ें: अपनों के निशाने पर तेजस्वी यादव? RJD की बैठक से पहले रोहिणी आचार्य ने ‘वो’ कहकर किसे घेरा?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लालू यादव ने राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए भी तेजस्वी ही उनका पूरा काम देखेंगे। लालू यादव ने पहले ही पार्टी के नीतिगत फैसले लेने के लिए तेजस्वी यादव को छूट दे दी थी। गत विधान सभा भी तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लड़ा गया था। केवल आरजेडी ही नहीं बल्कि पूरा महागठबंधन ने तेजस्वी को अपना नेता चुना था। टिकट बंटवारा से लेकर तैयारी, हार जीत तक पूरा नेतृत्व तेजस्वी को पाले में ही रहा था।
हालांकि कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में तेजस्वी यादव के पास राजनीतिक मुश्किलों के साथ ही पारिवारिक मुश्किलें भी होंगी। अब देखना होगा कि क्या तेजस्वी यादव भाई तेज प्रताप और बहन रोहिणी आचार्य की नाराजगी को दूर करने का प्रयास करेंगे या केवल राजनीतिक चुनौतियों का ही मुकाबला करेंगे।
यह भी पढ़ें: ‘समीक्षा छोड़ो, पहले ‘गिद्धों’ को ठिकाने लगाओ’, रोहिणी आचार्य ने फिर तेजस्वी यादव को दी सलाह
बिहार में विधान सभा चुनाव के बाद राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने बड़ा फैसला लिया है। अब तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया गया है। पटना में हुई बैठक में सर्वसम्मति से इसका निर्णय हुआ। तेजस्वी यादव के लिए यह बड़ी जिम्मेदारी होगी।
पटना के होटल मौर्या में रविवार को आरजेडी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने की। बैठक से पहले ही तेजस्वी यादव को बड़ी जिम्मेदारी मिलने के कयास लगाए जा रहे थे। हुआ भी कुछ यूं ही। राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया है। लालू यादव कार्यकाल पूरा होने तक राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर बने रहेंगे।
लालू यादव ने तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष तो बना दिया है लेकिन फुल टाइम अध्यक्ष बनने में अभी समय लगेगा। बता दें कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में लालू यादव का कार्यकाल 2028 तक है। पार्टी कार्यकर्ताओं की मानें तो लालू यादव अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। ऐसे में तेजस्वी को फुल टाइम अध्यक्ष बनने के लिए साल 2028 तक इंतजार करना पड़ सकता है।
यह भी पढ़ें: अपनों के निशाने पर तेजस्वी यादव? RJD की बैठक से पहले रोहिणी आचार्य ने ‘वो’ कहकर किसे घेरा?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लालू यादव ने राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए भी तेजस्वी ही उनका पूरा काम देखेंगे। लालू यादव ने पहले ही पार्टी के नीतिगत फैसले लेने के लिए तेजस्वी यादव को छूट दे दी थी। गत विधान सभा भी तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लड़ा गया था। केवल आरजेडी ही नहीं बल्कि पूरा महागठबंधन ने तेजस्वी को अपना नेता चुना था। टिकट बंटवारा से लेकर तैयारी, हार जीत तक पूरा नेतृत्व तेजस्वी को पाले में ही रहा था।
हालांकि कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में तेजस्वी यादव के पास राजनीतिक मुश्किलों के साथ ही पारिवारिक मुश्किलें भी होंगी। अब देखना होगा कि क्या तेजस्वी यादव भाई तेज प्रताप और बहन रोहिणी आचार्य की नाराजगी को दूर करने का प्रयास करेंगे या केवल राजनीतिक चुनौतियों का ही मुकाबला करेंगे।
यह भी पढ़ें: ‘समीक्षा छोड़ो, पहले ‘गिद्धों’ को ठिकाने लगाओ’, रोहिणी आचार्य ने फिर तेजस्वी यादव को दी सलाह