School Closed: पटना में भीषण गर्मी के कारण, 8वीं तक के स्कूल बंद; डीएम ने जारी किया आदेश
न सिर्फ दिल्ली, यूपी बल्कि बिहार में भी इस समय गर्मी अपनी चरम पर है, जिससे आम जनता का जीवन मुश्किल हो गया है. बढ़ते तापमान को देखते हुए बिहार की राजधानी पटना में डीएम ने 8वीं तक के सभी स्कूलों को 27 जून 2026 तक बंद रखने का आदेश जारी किया है.
Written By: Azhar Naim|Updated: Jun 23, 2026 15:57
Edited By : Azhar Naim|Updated: Jun 23, 2026 15:57
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पटना में स्कूल बंद. (Image: AI)
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खबर की मुख्य बातें
22 जून से 27 जून तक पटना में कक्षा 8वीं तक के स्कूल बंद रहेंगे.
आदेश सरकारी और निजी स्कूलों, दोनों पर लागू होगा.
प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों की पढ़ाई भी इस दौरान बंद रहेगी.
स्कूलों को परीक्षा, कक्षाएं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां री-शेड्यूल करने के निर्देश दिए गए हैं.
पटना में लगातार बढ़ती गर्मी और लू जैसे हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए अहम कदम उठाया है. पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 8वीं तक की पढ़ाई पर अस्थायी रोक लगाने का आदेश जारी किया है. यह फैसला छोटे बच्चों को तेज धूप, गर्म हवाओं और बढ़ते तापमान से बचाने के लिए लिया गया है. प्रशासन का मानना है कि इस समय मौसम बच्चों की सेहत के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है, इसलिए एहतियात के तौर पर यह कदम जरूरी था. बता दें कि पटना समेत बिहार के कई शहरों में तापमान बहुत ज्यादा, जिस कारण बच्चे लू के शिकार हो सकते हैं. इसलिए स्कूल की छुट्टियों को बढ़ाने का यह फैसला जरूरी माना जा रहा है, ताकि सेहत पर किसी तरह का खतरा न पैदा हो.
जारी आदेश के मुताबिक, पटना जिले में कक्षा 8वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल 22 जून से 27 जून, 2026 तक बंद रहेंगे. यह आदेश सिर्फ स्कूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों की शैक्षणिक गतिविधियों पर भी लागू होगा. यानी इस अवधि में छोटे बच्चों की नियमित कक्षाएं नहीं चलेंगी. जिला प्रशासन ने साफ किया है कि यह निर्णय बच्चों को गर्मी से होने वाली परेशानी, डिहाइड्रेशन और लू के खतरे से बचाने के लिए लिया गया है.
जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत मिले अधिकारों का उपयोग करते हुए जारी किया है. प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन से कहा है कि बंद की अवधि में होने वाली परीक्षाओं, कक्षाओं या अन्य जरूरी शैक्षणिक कार्यक्रमों की नई तारीखें तय की जाए. साथ ही जिला शिक्षा पदाधिकारी, आईसीडीएस विभाग, अनुमंडल प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को आदेश के पालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है. साफ संदेश दिया गया है कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
बढ़ती गर्मी में बच्चों की सेहत का रखें खास ध्यान
तेज गर्मी के इस दौर में बच्चों की सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को दिन में ज्यादा देर धूप में बाहर न निकलने दें.
बच्चों को पर्याप्त पानी, नींबू पानी या ORS देते रहें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो.
बहुत ज्यादा मसालेदार और तला-भुना खाना देने से बचें, हल्का और ताजा भोजन दें.
बच्चों को ढीले, सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनाएं, ताकि गर्मी कम लगे.
अगर बच्चे को चक्कर, सिरदर्द, उल्टी, कमजोरी या तेज थकान महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
बच्चों की पढ़ाई खराब न हो, इसके लिए घर पर ही पढ़ाई का माहौल बनाएं.
22 जून से 27 जून तक पटना में कक्षा 8वीं तक के स्कूल बंद रहेंगे.
आदेश सरकारी और निजी स्कूलों, दोनों पर लागू होगा.
प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों की पढ़ाई भी इस दौरान बंद रहेगी.
स्कूलों को परीक्षा, कक्षाएं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां री-शेड्यूल करने के निर्देश दिए गए हैं.
पटना में लगातार बढ़ती गर्मी और लू जैसे हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए अहम कदम उठाया है. पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 8वीं तक की पढ़ाई पर अस्थायी रोक लगाने का आदेश जारी किया है. यह फैसला छोटे बच्चों को तेज धूप, गर्म हवाओं और बढ़ते तापमान से बचाने के लिए लिया गया है. प्रशासन का मानना है कि इस समय मौसम बच्चों की सेहत के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है, इसलिए एहतियात के तौर पर यह कदम जरूरी था. बता दें कि पटना समेत बिहार के कई शहरों में तापमान बहुत ज्यादा, जिस कारण बच्चे लू के शिकार हो सकते हैं. इसलिए स्कूल की छुट्टियों को बढ़ाने का यह फैसला जरूरी माना जा रहा है, ताकि सेहत पर किसी तरह का खतरा न पैदा हो.
जारी आदेश के मुताबिक, पटना जिले में कक्षा 8वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल 22 जून से 27 जून, 2026 तक बंद रहेंगे. यह आदेश सिर्फ स्कूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों की शैक्षणिक गतिविधियों पर भी लागू होगा. यानी इस अवधि में छोटे बच्चों की नियमित कक्षाएं नहीं चलेंगी. जिला प्रशासन ने साफ किया है कि यह निर्णय बच्चों को गर्मी से होने वाली परेशानी, डिहाइड्रेशन और लू के खतरे से बचाने के लिए लिया गया है.
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जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत मिले अधिकारों का उपयोग करते हुए जारी किया है. प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन से कहा है कि बंद की अवधि में होने वाली परीक्षाओं, कक्षाओं या अन्य जरूरी शैक्षणिक कार्यक्रमों की नई तारीखें तय की जाए. साथ ही जिला शिक्षा पदाधिकारी, आईसीडीएस विभाग, अनुमंडल प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को आदेश के पालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है. साफ संदेश दिया गया है कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
बढ़ती गर्मी में बच्चों की सेहत का रखें खास ध्यान
तेज गर्मी के इस दौर में बच्चों की सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को दिन में ज्यादा देर धूप में बाहर न निकलने दें.
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बच्चों को पर्याप्त पानी, नींबू पानी या ORS देते रहें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो.
बहुत ज्यादा मसालेदार और तला-भुना खाना देने से बचें, हल्का और ताजा भोजन दें.
बच्चों को ढीले, सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनाएं, ताकि गर्मी कम लगे.
अगर बच्चे को चक्कर, सिरदर्द, उल्टी, कमजोरी या तेज थकान महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
बच्चों की पढ़ाई खराब न हो, इसके लिए घर पर ही पढ़ाई का माहौल बनाएं.