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बिहार में JDU विधायक दल की बैठक क्यों नहीं? नीतीश के फैसले पर उठे 7 तीखे सवाल

बिहार की राजनीति में बड़ा भूकंप! सत्ता परिवर्तन के बावजूद पहली बार नहीं हो रही JDU विधायक दल की बैठक. क्या नीतीश कुमार ने बीजेपी के सामने टेक दिए घुटने या पार्टी के अंदर ही सुलग रही है बगावत की आग? पढ़िए उन 7 तीखे सवालों के जवाब जिन्होंने जदयू की नींद उड़ा दी है. पटना से सौरभ कुमार की विशेष रिपोर्ट

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बिहार की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) में वो होने जा रहा है जो आज से पहले कभी नहीं हुआ. राज्य में सत्ता परिवर्तन जैसे बड़े घटनाक्रम के बावजूद आज होने वाली जदयू विधायक दल की बैठक को रद्द कर दिया गया है. इस फैसले ने न केवल सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है, बल्कि खुद पार्टी के विधायकों के बीच भी बेचैनी बढ़ा दी है.

पहली बार टूटा पार्टी का पुराना रिवाज

पार्टी के इतिहास में यह पहला मौका है जब इतने महत्वपूर्ण मोड़ पर विधायकों की राय नहीं ली जा रही है. राजनीतिक विश्लेषक हैरान हैं क्योंकि जब नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने जैसा व्यक्तिगत फैसला लिया था, तब भी उन्होंने विधायक, विधान परिषद सदस्य और सांसदों के साथ लंबी चर्चा की थी. लेकिन अब, जब सरकार बदल गई है, तब बैठक न होना कई गंभीर संकेत दे रहा है.

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विधायकों में बढ़ रही है नाराजगी?

पार्टी के भीतर से आ रही खबरों के मुताबिक, जदयू के कई विधायक इस फैसले से परेशान हैं. विधायकों का एक गुट दबी जुबान में कह रहा है कि क्या अब जेडीयू के फैसले नीतीश कुमार नहीं, बल्कि कहीं और से निर्देशित हो रहे हैं?

इन 7 सवालों ने बढ़ाई नीतीश की मुश्किल

विधायक दल की बैठक न होने पर अब पार्टी और नेतृत्व पर सात बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं:

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  • क्या बीजेपी के सामने सरेंडर कर दिया? 85 विधायक होने के बावजूद क्या जदयू ने बीजेपी के सामने पूरी तरह घुटने टेक दिए हैं?
  • फैसले कौन ले रहा है? क्या पार्टी के निर्णय अब स्वतंत्र नहीं रहे और कहीं बाहर से कंट्रोल किए जा रहे हैं?
  • आखिर विधायकों को विश्वास में क्यों नहीं लिया जा रहा? उनकी बेचैनी का जवाब किसके पास है?
  • सामना करने से बच रहे नीतीश? क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने ही विधायकों के सवालों और उनके गुस्से का सामना करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे?
  • क्या पार्टी को डर है कि बैठक बुलाई गई तो नाराजगी खुलकर सामने आ जाएगी और टूट की स्थिति बन सकती है?
  • नेतृत्व पर संकट: क्या अब जदयू में नीतीश कुमार की पकड़ कमजोर हो गई है और फैसले कोई और नेता ले रहा है?
  • क्या जदयू के कुछ बड़े नेता पार्टी में रहते हुए भी पर्दे के पीछे से बीजेपी के लिए स्क्रिप्ट लिख रहे हैं?

फिलहाल, बैठक रद्द होने के बाद पटना से लेकर दिल्ली तक चर्चाओं का बाजार गर्म है. क्या यह शांति किसी बड़े सियासी तूफान से पहले की आहट है? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा.

First published on: Apr 14, 2026 07:58 AM

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Vijay Jain

विजय जैन भारतीय मीडिया जगत का एक विश्वसनीय और प्रतिष्ठित नाम हैं. वर्तमान में न्यूज 24 में सीनियर न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत विजय को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 23 से अधिक वर्षों का लंबा और समृद्ध अनुभव है. राजनीति, चुनाव, बिजनेस, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसी हर प्रमुख बीट पर मजबूत पकड़ रखने वाले विजय अपनी निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. पत्रकारिता में उनके अद्वितीय योगदान और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए उन्हें साल 2018 में प्रतिष्ठित 'नेशनल श्रीफल अवार्ड' से सम्मानित किया गया था. डिजिटल दौर में वे ट्रेडिशनल जर्नलिज्म के अनुभवों को न्यू-एज मीडिया और SEO स्ट्रेटेजी के साथ जोड़कर खबरों को नया आयाम दे रहे हैं.

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