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बिहार

बिहार राज्यसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर, हरिवंश का पत्ता कटा, नीतीश के बेटे निशांत की होगी राजनीति में एंट्री?

बिहार राज्यसभा चुनाव में हरिवंश का पत्ता कटना और नीतीश के बेटे निशांत की एंट्री की चर्चा तेज है. तेजस्वी के दिल्ली जाने की अटकलों पर गिरिराज सिंह ने तंज कसा है.

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Written By: Raja Alam Updated: Mar 2, 2026 14:10

बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव ने राज्य की सियासत में हलचल बढ़ा दी है. सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर आ रही है कि राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश को जेडीयू इस बार उम्मीदवार नहीं बनाने जा रही है. उनकी जगह जेडीयू से रामनाथ ठाकुर का राज्यसभा जाना लगभग तय माना जा रहा है. सबसे ज्यादा चर्चा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर हो रही है, जिनके राज्यसभा उम्मीदवार बनने की प्रबल संभावना जताई जा रही है. बिहार की पांच सीटों में से बहुमत के आंकड़ों के हिसाब से चार सीटें एनडीए के पाले में जाती दिख रही हैं, जबकि एक सीट को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है.

तेजस्वी के नाम पर सियासी घमासान

महागठबंधन की ओर से पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के राज्यसभा जाने की चर्चाओं ने भी जोर पकड़ लिया है. इस खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सोमवार को चुटकी ली. उन्होंने कहा कि उन्हें मालूम हुआ है कि ‘युवराज’ अब दिल्ली जाना चाहते हैं क्योंकि यहां से उनका मन ऊब गया है. गिरिराज सिंह ने आगे कहा कि तेजस्वी लड़कर देख लें तो अच्छा होगा. साथ ही उन्होंने कांग्रेस और आरजेडी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को ‘नकली युवराज’ बताया और कहा कि ये दल लोकतांत्रिक नहीं बल्कि परिवारवादी हैं.

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यह भी पढ़ें: खेसारी लाल यादव का का पवन-अक्षरा पर बयान, मनोज तिवारी के ऑफर पर दिया जवाब

आरजेडी की बैठक में क्या हुआ?

राज्यसभा चुनाव की रणनीति तय करने के लिए आरजेडी ने रविवार को अपने संसदीय बोर्ड की अहम बैठक की थी. इस बैठक में उम्मीदवारों के चयन का पूरा अधिकार पार्टी अध्यक्ष लालू यादव और तेजस्वी यादव को सौंप दिया गया है. पार्टी ने तय किया है कि जो भी उम्मीदवार होगा, वह नामांकन के आखिरी दिन यानी 5 मार्च को अपना पर्चा दाखिल करेगा. हालांकि जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि लालू यादव को अब तेजस्वी पर भरोसा नहीं रहा है, इसलिए उन्होंने पार्टी के सिंबल और सिग्नेचर की पावर अपने पास ही सुरक्षित रखी है.

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एनडीए और महागठबंधन में शह और मात का खेल

बिहार विधानसभा के मौजूदा गणित को देखें तो एनडीए चार सीटों पर मजबूत स्थिति में है, लेकिन विपक्षी एकता की कोशिशों के बीच एक सीट के लिए कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है. नीतीश कुमार द्वारा अपने बेटे को राजनीति में लाने की चर्चाओं ने जेडीयू के भीतर भी नए समीकरण पैदा कर दिए हैं. दूसरी तरफ तेजस्वी यादव अगर राज्यसभा जाते हैं, तो बिहार की राजनीति में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका को लेकर भी नए सवाल खड़े होंगे. 5 मार्च को नामांकन के साथ ही यह साफ हो जाएगा कि दिल्ली की दहलीज पर बिहार से कौन-कौन से दिग्गज कदम रखने वाले हैं.

First published on: Mar 02, 2026 02:10 PM

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