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बिहार में क्यों हुआ ‘खेला’, नीतीश कुमार-तेजस्वी यादव के बीच अलगाव के 5 प्रमुख कारण

Bihar Political Crisis: आरजेडी लोकसभा चुनाव से पहले तेजस्वी यादव को सीएम बना सत्ता की चाबी देना चाहती थी। आरजेडी और जदयू द्वारा एक-दूसरे के विधायकों को तोड़ने का प्रयास भी किया गया।

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Bihar Political Crisis: बिहार के सियासी भूचाल पर इस समय पूरे देश की नजर है। बीते 18 महीने से राज्य में जेडीयू और आरजेडी गठबंधन की सरकार चल रही थी। फिर ऐसा क्या हुआ कि आखिर इतने कम समय में ही दोनों अलग हो गए। क्या तेजस्वी यादव बिहार के सीएम बनना चाहते हैं? या फिर I.N.D.I.A गठबंधन में पड़ी दरार इन दोनों के अलग होने का कारण रही। या फिर दोनों पार्टियों की नजर लोकसभा चुनाव 2024 पर बिहार की 40 सीटों पर है।

आठ महीने से चल रही थी पटकथा

जानकारी के अनुसार गणतंत्र दिवस पर बिहार के पूर्व सीएम कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने की घोषणा की गई। इस घोषणा के बाद सीएम नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर पीएम मोदी की तारीफ की। इसके बाद राज्य में दोनों के फिर करीब आने की अटकलें लगी और फिर अगले कुछ दिन में पूरा घटनाक्रम ही बदल गया। लेकिन बिहार में चल रहा राजनीतिक संकट केवल किसी एक सोशल मीडिया पोस्ट या किसी के बयान का नतीजा नहीं है। यह लंबे समय से चल रहा था। पूरे घटनाक्रम को ऐसे समझिए।

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इन प्वाइंट में समझे बिहार में कैसे हुआ ‘खेला’

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  • नीतीश कुमार पर आरजेडी की तरफ से तेजस्वी यादव को सीएम बनाने का दबाव था।
  • कर्पूरी ठाकुर की जन्म शताब्दी समारोह समेत कई मौकों पर नीतीश ने आरजेडी और परिवारवाद को टारगेट करते हुए बयान दिए, लेकिन कभी किसी का साफ नाम लेने से बचते रहे।
  • सत्ता पर पूरी तरह काबिज होने के लिए आरजेडी और जदयू द्वारा अंदरखाते एक-दूसरे के विधायकों को तोड़ने के लिए कई बार प्रयास किए गए।
  • इंडिया गठबंधन बनाने में नीतीश ने अहम रोल अदा किया। लेकिन लोकसभा सीट शेयरिंग और पीएम पद के दावेदार पर कांग्रेस से उनकी सहमति नहीं बनी। आरजेडी लोकसभा चुनाव से पहले तेजस्वी को सीएम बना सत्ता की चाबी देना चाहती थी।
  • बिहार में हो रहा आर्थिक नुकसान। जदयू और आरजेडी नेताओं की एक-दूसरे और सरकार के कामकाज के खिलाफ बयानबाजी।

First published on: Jan 28, 2024 10:50 AM

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About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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