बिहार का एक और बेटा सिकंदर बॉर्डर पर शहीद, नालंदा में पिता बोले-गर्व है देश के काम आया

Sikandar Raut Bind martyred बिहार का एक और बेटा सिकंदर राउत बिंद बॉर्डर पर शहीद हो गया। शहीद बेटे की खबर सुनते ही नालंदा जिले के उतरथु गांव में उसके बुजुर्ग पिता कांप उठे। बोले भगवान ने बुढ़ापे की लाठी छीन ली, लेकिन गर्व है कि वो देश के काम आया।

Sikandar Raut Bind (file photo)

Sikandar Raut Bind (file photo)

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Sikandar Raut Bind martyred बिहार के नालंदा जिले के उतरथु गांव में शोक की लहर है। गांव का जांबाज बेटा, सिकंदर राउत बिंद, बुधवार को जम्मू-कश्मीर में देश की रक्षा करते हुए पाकिस्तान की गोलीबारी में शहीद हो गया। जैसे ही यह दुखद समाचार गांव में पहुंचा, हर चेहरा मायूस हो गया। परंतु सबसे बड़ा दुख यह था कि कोई भी यह साहस नहीं जुटा पाया कि बूढ़े पिता प्रताप राउत बिंद को यह बता सके कि उनका सबसे प्यारा बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा। जब अंततः प्रताप राउत को यह दर्दनाक खबर दी गई, तो उनकी आंखों में आंसू जरूर थे, लेकिन उनके चेहरे पर बेटे के बलिदान का गर्व साफ झलक रहा था। उन्होंने कहा, बुढ़ापे में मेरी तीसरी लाठी भी टूट गई। तसल्ली है कि वह लाठी भारत माता के काम आई। मेरा बेटा देश के लिए शहीद हुआ, इससे बड़ा गर्व और क्या हो सकता है।

सिकंदर परिवार में दो भाइयों में सबसे छोटे

सिकंदर परिवार में दो भाइयों में सबसे छोटे थे और उनके पीछे दो छोटे-छोटे बेटे हैं। गांव के हर कोने में आज बस एक ही चर्चा है सिकंदर की बहादुरी और देशभक्ति की। लोग कह रहे हैं कि उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और वह आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे। परिवार के सदस्य सिकंदर का पार्थिव शरीर लेने के लिए रवाना हो चुके हैं। जैसे ही उनका शव गांव पहुंचेगा, पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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रांची में थी सिकंदर की पहली पोस्टिंग

सिकंदर की पहली पोस्टिंग रांची (झारखंड) में थी, लेकिन हालिया सीमा पर बढ़ते तनाव के चलते उन्हें जम्मू-कश्मीर के अग्रिम मोर्चे पर तैनात किया गया था। वहीं, उन्होंने वीरगति को प्राप्त किया। गांव वालों ने बताया कि सिकंदर बचपन से ही बेहद साहसी और राष्ट्रभक्त थे। उनका सपना था कि वे सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करें। उन्होंने न सिर्फ अपना सपना साकार किया, बल्कि अपने बलिदान से पूरे गांव और नालंदा जिले का नाम भी रोशन कर दिया।

रामबाबू सिंह और मोहम्मद इम्तियाज भी हुए शहीद

इससे पहले पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी में BSF के सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज शहीद हो गए थे। शहादत की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव छपरा जिले के नारायणपुर में शोक की लहर दौड़ गई थी। उनके बाद एक और शहीद जवान रामबाबू सिंह सीवान के बड़हरिया प्रखंड के वसिलपुर गांव के रहने वाले थे। पाक की ओर से की गई गोलीबारी में वे बीते सोमवार को शहीद हो गए थे। बिहार सरकार शहीद जवान रामबाबू सिंह और मोहम्मद इम्तियाज के परिजनों को 50-50 लाख रुपये देगी।

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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