Bihar Cabinet Expansion: बिहार में सीएम सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार (Cabinet Expansion 2026) 7 मई को होने जा रहा है. ये शपथग्रहण समारोह गांधी मैदान में आयोजित होगा जिले लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. और बिहार में 50-50 के फॉर्मूले पर सत्ता का बंटवारा होगा.
बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे इस विस्तार का महत्व और बढ़ जाता है. इसे आगामी राजनीतिक समीकरणों और चुनावी रणनीतियों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है.
सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल विस्तार में एनडीए घटक दलों के बीच सीटों का बंटवारा लगभग तय माना जा रहा है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से 12 मंत्री, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से 11 मंत्री, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से 2 मंत्री, जबकि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) से एक-एक मंत्री शपथ ले सकते हैं.
बिहार मंत्रिमंडल में 50-50 का फॉर्मूला
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने जदयू कोटे के दो वरिष्ठ नेताओं विजय कुमार चौधरी और बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने शपथ ली थी. सम्राट सरकार में मंत्रियों के शेष 33 पद पिछले 19 दिनों से रिक्त हैं.
एनडीए सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जदयू ने भाजपा को सीएम का पद दे दिया है, इसलिए इस बार सरकार में भाजपा-जदयू के मंत्रियों की संख्या बराबर रहेगी.
- सम्राट सरकार में 16-16 नेता मंत्रिमंडल में रहेंगे.
- मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री भी शामिल.
- भाजपा के कोटे के 12 और जदयू कोटे के 11 मंत्री होंगे.
- लोजपा (आर) के दो, हम और रालोमो के पास एक-एक मंत्री
- मौजूदा मंत्रिमंडल में भी दो-तीन पद खाली रखे जाएंगे.
नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी की मुलाकात
बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रमुख नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात की. दिल्ली से लौटने के तुरंत बाद नीतीश कुमार के आवास सम्राट चौधरी पहुंचे थे. माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर दिल्ली से निर्देश मिले थे, उसे पहुंचाने के लिए नीतीश कुमार के पास सम्राट चौधरी गए थे.
Bihar Cabinet Expansion: बिहार में सीएम सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार (Cabinet Expansion 2026) 7 मई को होने जा रहा है. ये शपथग्रहण समारोह गांधी मैदान में आयोजित होगा जिले लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. और बिहार में 50-50 के फॉर्मूले पर सत्ता का बंटवारा होगा.
बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे इस विस्तार का महत्व और बढ़ जाता है. इसे आगामी राजनीतिक समीकरणों और चुनावी रणनीतियों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है.
सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल विस्तार में एनडीए घटक दलों के बीच सीटों का बंटवारा लगभग तय माना जा रहा है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से 12 मंत्री, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से 11 मंत्री, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से 2 मंत्री, जबकि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) से एक-एक मंत्री शपथ ले सकते हैं.
बिहार मंत्रिमंडल में 50-50 का फॉर्मूला
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने जदयू कोटे के दो वरिष्ठ नेताओं विजय कुमार चौधरी और बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने शपथ ली थी. सम्राट सरकार में मंत्रियों के शेष 33 पद पिछले 19 दिनों से रिक्त हैं.
एनडीए सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जदयू ने भाजपा को सीएम का पद दे दिया है, इसलिए इस बार सरकार में भाजपा-जदयू के मंत्रियों की संख्या बराबर रहेगी.
- सम्राट सरकार में 16-16 नेता मंत्रिमंडल में रहेंगे.
- मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री भी शामिल.
- भाजपा के कोटे के 12 और जदयू कोटे के 11 मंत्री होंगे.
- लोजपा (आर) के दो, हम और रालोमो के पास एक-एक मंत्री
- मौजूदा मंत्रिमंडल में भी दो-तीन पद खाली रखे जाएंगे.
नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी की मुलाकात
बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रमुख नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात की. दिल्ली से लौटने के तुरंत बाद नीतीश कुमार के आवास सम्राट चौधरी पहुंचे थे. माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर दिल्ली से निर्देश मिले थे, उसे पहुंचाने के लिए नीतीश कुमार के पास सम्राट चौधरी गए थे.