Balraj Singh
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Action On Drugs Mafia in Bihar: बिहार में शराबबंदी के बाद से सूखे नशे यानि सिंथेटिक ड्रग्स की डिमांड और खपत दोनों बढ़ गई हैं। इसी बीच मादक पदार्थ का काला कारोबार करने वालों की चांदी कर रखी है, लेकिन अब इनके खिलाफ शिकंजा कसने की पूरी तैयारी हो चुकी है। राज्य में ड्रग्स की रोकथाम के लिए आर्थिक अपराध इकाई को नोडल एजेंसी बनाया गया है। ईओयू ने हाल के दिनों में कई बड़ी कार्रवाई की है, जिसके तहत कई बड़े माफिया की गिरफ्तारी हुई है। मौजूदा स्थिति में 11 ड्रग्स माफिया के 22 करोड़ से ज्यादा की सम्पत्त को जब्त करने के लिए ईडी को रिपोर्ट दी गई है।
दरअसल, बिहार में ड्रग्स माफिया के खिलाफ कार्रवाई के लिए केंद्र और राज्य दोनों सरकारें चिंतित हैं। केंद्रीय कस्टम विभाग के अंदर भी एक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो काम कर रहा है। इस्टर्न जोन का मुख्यालय पटना में है, जबकि बिहार पुलिस में नारकोटिक्स विंग की नोडल एजेंसी आर्थिक अपराध इकाई को बनाया गया है। आर्थिक अपराध इकाई के डीआईजी एमएस ढिल्लों के मुताबिक इस काले कारोबार में क्रिप्टो करेंसी और इंटरनेट का बाजार का खुला सहारा मिल चुका है। हालांकि इस पर नकेल कसने की दिशा में EOU लगातार ED के संपर्क में है।
अब तक ऐसे 11 बड़े नशे के कारोबारियों की सूची ED को EOU ने भेज दी गई है, जो हर वर्ष करोड़ों का कारोबार कर ना सिर्फ युवाओं को नशे के चपेट में ले रहे हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रहे हैं। EOU के एडीजी नैयर हसनैन खान के अनुसार नारकोटिक्स के खिलाफ कार्रवाई करने वाली विंग को और मजबूत किया जा रहा है। एसपी से लेकर डीएसपी इंस्पेक्टर, दारोगा और सिपाही तक की संख्या बधाई जा रहा है।
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