IPL की चमचमाती ट्रॉफी पर संस्कृत में क्या लिखा है? बहुत कम लोग जानते हैं इसका मतलब

IPL 2026 के फाइनल मुकाबले में आज (31 मई) रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस की टीमें ट्रॉफी के लिए भिडेंगी. IPL की चमचमाती ट्रॉफी तो आपने कई बार देखीं होंगी, लेकिन क्या आप जानते हैं इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी पर संस्कृत में क्या लिखा है?

IPL Trophy

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What is Written on IPL Trophy: आईपीएल 2026 के फाइनल का मंच सज चुका है, जहां डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) की टीमें खिताब के लिए भिड़ेंगी. दोनों टीमों के बीच यह खिताबी मुकाबला रविवार, 31 मई को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा. एक तरफ आरसीबी की टीम लगातार दूसरी बार ट्रॉफी उठाना चाहेगी, तो वहीं गुजरात की टीम 2022 के बाद अपना दूसरा खिताब जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेगी.

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इस महामुकाबले में जीत हासिल करने वाली टीम को करोड़ों रुपये की प्राइज मनी के साथ-साथ एक चमचमाती आईपीएल ट्रॉफी भी मिलेगी. IPL की प्रतिष्ठित ट्रॉफी अपनी खूबसूरत डिजाइन के लिए दुनियाभर में मशहूर है. हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि इस ट्रॉफी पर संस्कृत में एक खास वाक्य भी लिखा है, जो इस टूर्नामेंट की पूरी सोच को दर्शाता है. तो आइए IPL 2026 के फाइनल से पहले जानते हैं कि ट्रॉफी पर क्या लिखा है, उसका क्या मतलब है और इस श्लोक का इतिहास क्या है.

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आईपीएल ट्रॉफी पर क्या लिखा है?

साल 2008 में शुरू हुई इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) आज दुनिया की सबसे बड़ी और लोकप्रिय टी20 लीग है, जहां दुनिया भर के युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को चमकने का मौका मिलता है. आईपीएल से निकलकर कई खिलाड़ियों ने ना सिर्फ इस टूर्नामेंट बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी अपना जलवा बिखेरा है. पिछले 19 सालों के इतिहास में आईपीएल ने इस सोच और उद्देश्य को बखूबी निभाया है. IPL की यही सोच संस्कृत में एक खास वाक्य में ट्रॉफी पर अंकित किया गया है.

2011 से इस्तेमाल की जा रही आईपीएल ट्रॉफी पर संस्कृत में लिखा है – “यत्र प्रतिभा अवसरं प्राप्नोतिहि”, जिसका हिंदी में अर्थ है, “जहां प्रतिभा को अवसर मिलता है” या “जहां प्रतिभा और अवसर का मिलन होता है”. यह सिर्फ एक वाक्य नहीं, बल्कि आईपीएल की आधिकारिक टैगलाइन भी है. आईपीएल ट्रॉफी पर संस्कृत में लिखा यह वाक्य टूर्नामेंट के मूल दर्शन को दर्शाता है. लीग का मानना है कि जब प्रतिभा को सही अवसर मिलता है, तभी नए सितारे जन्म लेते हैं.

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पहले कैसी थी IPL ट्रॉफी?

बहुत कम लोग जानते हैं कि आईपीएल के शुरुआती तीन सीजन (2008, 2009 और 2010) में एक अलग डिजाइन की ट्रॉफी दी जाती थी. उस ट्रॉफी का आकार भारत के नक्शे से प्रेरित था और वह मौजूदा ट्रॉफी से काफी अलग दिखाई देती थी.
हालांकि, 2011 में बीसीसीआई ने ट्रॉफी का डिजाइन पूरी तरह बदल दिया. इसके बाद सुनहरे रंग की कप-शैली वाली ट्रॉफी पेश की गई, जो आज तक इस्तेमाल की जा रही है. पिछले 15 सालों में इसके डिजाइन में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है.

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चैंपियन टीम को कौन सी ट्रॉफी मिलती है?

फाइनल जीतने के बाद चैंपियन टीम को मंच पर असली आईपीएल ट्रॉफी सौंपी जाती है. हालांकि, वह ट्रॉफी स्थायी रूप से टीम के पास नहीं रहती. बाद में विजेता फ्रेंचाइजी को उसी डिजाइन की एक रेप्लिका (प्रतिकृति) ट्रॉफी दी जाती है, जिस पर भी यही संस्कृत वाक्य अंकित होता है. वहीं मूल ट्रॉफी बीसीसीआई अपने पास रखती है और हर सीजन के फाइनल में उसी का इस्तेमाल किया जाता है.

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आईपीएल ट्रॉफी के निचले हिस्से पर हर साल चैंपियन बनने वाली टीम का नाम उकेरा जाता है. इस तरह यह ट्रॉफी आईपीएल इतिहास की गवाह बनती चली जाती है और हर नए सीजन के साथ इसमें एक नया चैंपियन टीम का नाम जुड़ता जाता है. बीसीसीआई ने 2011 में ट्रॉफी का डिजाइन बदलकर उसे अधिक आकर्षक और वैश्विक पहचान के अनुरूप बनाया था.

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लेखक के बारे में

Sanjeet

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संजीत कुमार News24 Hindi में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह पिछले 4 साल से डिजिटल मीडिया में काम कर रहे है. संजीत ने अपने करियर की शुरुआत अगस्त 2020 में की थी. वह मुख्य रूप से क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी और ओलंपिक खेलों में रुचि रखते हैं और खबरें लिखते हैं. संजीत अब तक आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप से लेकर ओलंपिक तक कई बड़े टूर्नामेंट्स कवर कर चुके हैं. उन्होंने वनडे वर्ल्ड कप, टी20 वर्ल्ड कप, ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स, आईपीएल, प्रो कबड्डी लीग कवर किया है. कितने साल का अनुभव: 4 साल डिग्री: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU), वाराणसी से मास्टर्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री प्राप्त की है. इसके अलावा, उन्होंने मगध यूनिवर्सिटी, बोधगया से फिजिक्स ऑनर्स से B.Sc किया है. विशेषज्ञता: क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी और ओलंपिक खेल पिछला अनुभव: संजीत ने अपने करियर की शुरुआत Prabhat Khabar के साथ अगस्त 2020 में की थी, जहां उन्होंने 1 साल काम किया. प्रभात खबर में रहते हुए उन्होंने राइटिंग के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की. उसके बाद उन्होंने SportzWiki हिंदी में एक साल से अधिक समय तक काम किया. जनवरी 2025 से वह न्यूज24 हिंदी के साथ सब एडिटर के रूप में जुड़े हुए हैं.
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