T20 World Cup 2024: टी-20 विश्व कप के मुकाबले जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे सुपर-8 की तस्वीर साफ होती जा रही है। ऑस्ट्रेलिया की टीम ग्रुप-बी में टॉप पर काबिज है। उसने 3 मैचों में 6 अंक और +3.580 का नेट रन रेट हासिल कर सुपर-8 में जगह बनाई है, लेकिन इसी ग्रुप में वर्ल्ड चैंपियन इंग्लैंड भी शामिल है। जिस पर बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है, लेकिन इसी बीच ऑस्ट्रेलिया के कप्तान मिशेल मार्श पर भी बैन होने का खतरा मंडरा गया है। आइए आपको बताते हैं कि पूरा मामला क्या है…
इंग्लैंड को हो सकता है नुकसान
दरअसल, इंग्लैंड की किस्मत अब ऑस्ट्रेलिया के हाथ में है। ग्रुप-बी में शामिल ऑस्ट्रेलिया अगर 16 जून को स्कॉटलैंड के खिलाफ मुकाबले में जीत दर्ज करती है तो उसे कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वह पहले ही क्वालीफाई कर चुकी है, लेकिन इससे इंग्लैंड को भारी नुकसान हो जाएगा। इंग्लैंड की टीम ग्रुप-बी में शामिल है। जिसे 2 मुकाबलों में से एक में हार मिली है। उसके पास एक ही अंक है। ऐसे में इंग्लैंड का अगले राउंड में जाने का सपना स्कॉटलैंड की जीत के बाद टूट सकता है। इसके साथ ही अगर ऑस्ट्रेलिया स्कॉटलैंड को कम अंतर से हराती है तो भी इंग्लैंड का सपना टूट सकता है क्योंकि स्कॉटलैंड के पास +2.164 का नेट रन रेट है। इंग्लैंड का नेट रन रेट अभी काफी कम है। उसके पास -1.800 का नेट रन रेट है। अगर इंग्लैंड अगले दो मैच जीत भी जाती है तो उसे बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी।
इंग्लैंड को बाहर करने की कोशिश पर लग सकता है बैन
अगर ऑस्ट्रेलिया स्कॉटलैंड के परिणाम में हेरफेर कर इंग्लैंड को बाहर करने की कोशिश करता है तो मिशेल मार्श पर बैन लग सकता है। जोश हेजलवुड ने इंग्लैंड को बाहर करने की रणनीति पर चर्चा भी की है। उनका मानना है कि इंग्लैंड शीर्ष टीमों में से एक है। अगर हम उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर सकते हैं तो यह हमारे लिए फायदे का सौदा होगा। लेकिन अगर ऑस्ट्रेलिया ने ऐसा करने की कोशिश भी की तो मार्श को अपने तीन सुपर आठ मुकाबलों में से दो के लिए बैन किया जा सकता है। मार्श को ICC की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.11 के तहत आरोपी बनाया जा सकता है।
ये है नियम
इस नियम को अनुचित रणनीतिक या सामरिक तरीके से हेरफेर को रोकने के लिए बनाया गया है। अगर कोई टीम जानबूझकर ICC इवेंट में पूल मैच हार जाती है और इससे अन्य टीम की स्थिति प्रभावित होती है तो कप्तान हेजलवुड को इसका दोषी मानकर उन पर बैन लगाया जा सकता है। अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यूनतम 50% मैच फीस का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। जबकि अधिकतम चार डिमेरिट अंक और दो सस्पेंशन पॉइंट के साथ मार्श पहले दो सुपर आठ मैचों से बाहर हो सकते हैं।
कैसे तय होगा बैन?
हालांकि अंपायर्स के लिए यह तय करना मुश्किल होगा कि ऑस्ट्रेलिया ऐसा जानबूझकर कर रही है, लेकिन उन्हें हेराफेरी समझ में आ सकती है। मसलन, ऑस्ट्रेलिया की टीम का धीमी बल्लेबाजी करना…अगर ऐसा होता है तो इसकी समीक्षा की जाएगी और कप्तान के खिलाफ निर्णय लिया जाएगा। आपको बता दें कि वनडे वर्ल्ड कप 1999 में ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज के खिलाफ धीमी बल्लेबाजी करके ऐसा करने की कोशिश की थी। जिससे उन्हें सुपर सिक्स में अतिरिक्त अंक मिल सकें।