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डूबते हुए बांग्लादेश क्रिकेट को सहारा दे पाएंगे तमीम इकबाल? जानिए क्या है नए बोर्ड प्रेसिडेंट का गेम प्लान

Tamim Iqbal: पिछल कुछ वक्त बांग्लादेश क्रिकेट को काफी उथल -पुथल का सामना करना पड़ा है, ऐसें इन बुरे ख्वाबों को भूलकर बीसीबी के नए अध्यक्ष तमीम इकबाल क्या कदम उठाने जा रहे हैं, इसको लेकर उन्होंने कुछ इशारे किए हैं.

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Written By: Shariqul Hoda Updated: Apr 8, 2026 22:01
Tamim Iqbal

Tamim Iqbal Prioritises As BCB President: बांग्लादेश के पूर्व कप्तान तमीम इकबाल ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अंतरिम हेड के तौर पर अपना कार्यकाल एक साफ और जरूरी प्रायोरिटी के साथ शुरू किया है. उनका मकसद बोर्ड की खराब हो चुकी साख को वापस लाना है. लंबे समय के विकास की योजनाओं, घरेलू ढांचे में बदलाव, या भविष्य के क्रिकेट लक्ष्यों पर ध्यान देने के बजाय, तमीम ने इस बात पर जोर दिया कि भरोसा और क्रेडिबिलिटी फिर से बनाना सबसे पहले होना चाहिए.

क्या करेंगे तमीम?

37 साल के तमीम, जिन्होंने 2023 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था और जो बांग्लादेश के इकलौते ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने तीनों फॉर्मेट में शतक बनाए हैं, उन्होंने एक मुश्किल दौर में कमान संभाली है. 2025 के चुनावों में कथित गड़बड़ियों के बाद बोर्ड पर अभी कड़ी नजर रखी जा रही है, जिसकी वजह से पिछली प्रशासन को भंग कर दिया गया था. इसके अलावा, बांग्लादेश क्रिकेट के इवेंट्स को संभालने के तरीके को लेकर हुए विवादों ने, जिसमें आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान उसका रुख भी शामिल है, उसकी वैश्विक छवि को और भी नुकसान पहुंचाया है.

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इरादे किए जाहिर

मीरपुर में अपनी पहली बैठक की अध्यक्षता करने के बाद, तमीम ने साफ तौर पर अपने इरादे बताए. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पिछले 18 महीनों में हुए नुकसान की भरपाई करना उनकी टीम की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि यह प्रक्रिया ईमानदारी और तेजी से पूरी की जाएगी, जिसका मकसद बोर्ड को जल्द से जल्द स्थिर करना है. इस कोशिश का एक बड़ा हिस्सा निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव करवाना है, जिसमें खिलाड़ी, आयोजक और अधिकारी जैसे सभी संबंधित पक्षों को हिस्सा लेने का मौका मिले.

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विवाद के बीच नियुक्ति

हालांकि ये बदलाव बिना किसी विवाद के नहीं हुआ है. बीसीबी के पूर्व अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने इस कदम का कड़ा विरोध किया है, इसे ‘संवैधानिक तख्तापलट’ कहा है और चेतावनी दी है कि इस तरह के घटनाक्रम बांग्लादेश की इंटरनेशनल क्रिकेट में स्थिति पर बुरा असर डाल सकते हैं. ये आलोचना उन चुनौतियों को उजागर करती है जिनका सामना तमीम को अंदरूनी विरोध और बाहरी दबाव, दोनों तरफ से करना पड़ रहा है.

क्या होगा भविष्य?

कुल मिलाकर तमीम का नजरिया भरोसे और वैधता को फिर से बनाने की दिशा में एक बदलाव का संकेत देता है. उनकी अगुवाई की शुरुआत लंबे समय के विकास पर ध्यान देने से पहले विश्वसनीयता को वापस पाने पर जोर देने के साथ होती है, जो बांग्लादेश क्रिकेट के प्रशासन में एक अहम दौर के लिए माहौल तैयार करता है.

First published on: Apr 08, 2026 10:00 PM

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