IND vs SL: भारतीय क्रिकेट टीम ने जिस अंदाज में गॉल टेस्ट मैच जीता, उसके बाद श्रीलंका की टीम दबाव में आ गई थी. जिसके कारण ही श्रीलंका की टीम ने कोलंबो के पिच को स्पिन के लिए मददगार बनाया. हालांकि उस जाल में खुद श्रीलंका की टीम उस समय फंस गई, जब टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीत लिया. कोलंबो टेस्ट मैच के तीसरे दिन भी टीम इंडिया फंसी हुई नजर आ रही थी. हालांकि अगले दिन डेब्यू कर रहे ऑफ स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन ने मैच को पलटकर रख दिया है. वो टीम के लिए गेम चेंजर खिलाड़ी बन गए हैं.
चौथे दिन काम आया गिल-गंभीर का फैसला
टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल और हेड कोच गौतम गंभीर ने कोलंबो टेस्ट मैच में सारांश जैन को खिलाने का फैसला किया था. पहले 3 दिन इस फैसले के ऊपर बड़े सवाल उठ रहे थे. चौथे दिन सारांश ने अपना दम दिखाया. चौथे दिन का खेल शुरू होने के समय श्रीलंका की टीम को फॉलोऑन बचाने के लिए सिर्फ 39 रनों की ही जरूरत थी. ऐसे समय में सारांश जैन ने बचे हुए दोनों विकेट निकाल लिए. जिसके कारण ही टीम इंडिया को 213 रनों की लीड मिली और उन्होंने श्रीलंका को फॉलोऑन दिया.
अगर टीम इंडिया को दोबारा बल्लेबाजी करनी पड़ती, तो इस मुकाबला का रिजल्ट आना बहुत ही मुश्किल हो जाता. बारिश के कारण टीम इंडिया को तेजी से रन बनाने पड़ते. ऐसे समय में मैच किसी भी तरफ जा सकता था, लेकिन डेब्यू पारी में सारांश के वो 2 विकेट ही टीम इंडिया को जीत के और करीब पहुंचा चुके हैं. अब ये फैसला लेने के लिए कप्तान शुभमन गिल और हेड कोच गौतम गंभीर की तारीफ होनी चाहिए. मैच के दौरान भी कप्तान गिल बहुत एक्टिव नजर आ रहे हैं.
दूसरी पारी में भी सारांश जैन से ही उम्मीद
पहली पारी में मैच की दिशा बदलने वाले सारांश जैन ने दूसरी पारी में भी निरोशन डिकवेला का विकेट लिया है. पहले मैच में उन्होंने बहुत ही अहम पारी खेली थी. ऐसे में उनके आउट होने के बाद अब श्रीलंका की टीम मैच बचाने के लिए ही खेलने वाली है. सारांश जैन अब बचे हुए 4 विकेट में से भी ज्यादा से ज्यादा अपने नाम करना चाहेंगे. जिससे वो उनके लिए डेब्यू मैच और भी खास हो जाएगा.
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बात अब कप्तान शुभमन गिल की करें तो उन्होंने भी अच्छा प्रदर्शन किया है. इस मुकाबले के दौरान गिल रिस्क लेने से पीछे नहीं हट रहे हैं. चौथे दिन खेल की शुरुआत में सारांश जैन को गेंदबाजी का मौका देना भी बहुत बड़ा रिस्क था. इसके अलावा उन्होंने महंगे साबित होने के बाद भी मानव सुथार को बैक किया. उस समय उनके पास और विकल्प था, लेकिन उन्होंने अपने स्टार गेंदबाज को बैक करने का फैसला किया. जो अंत में टीम इंडिया के काम भी आया.
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