Aditya L1 selfie Earth Moon: सूर्य के रहस्यों को जानने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organization) द्वारा 2 सितंबर को लॉन्च आदित्य-एल1 लगातार सफलता की ओर बढ़ रहा है। इस बीच आदित्य-एल1 ने एक सेल्फी ली है। इसमें पृथ्वी और चंद्रमा एक ही फ्रेम में नजर आ रहे हैं।
यह सेल्फी इस सप्ताह की शुरुआत यानी 4 सितंबर को ली गई थी, लेकिन इसरो ने अब इसे सोशल मीडिया एक्स पर शेयर किया है। अब लोग भी इस सेल्फी को सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं।
आदित्य-एल1 द्वारा ली गई इस सेल्फी में जहां चंद्रमा बेहद छोटा दिखाई दे रहा है तो पृथ्वी का एक बड़ा हिस्सा नजर आ रहा है। इसमें चांद बाई तरफ है और पृथ्वी दाईं तरफ। यह सेल्फी अब लोगों द्वारा खूब पसंद की जा रही है।
https://twitter.com/isro/status/1699663615169818935?s=20
गौरतल है कि चंद्रयान-3 की एतिहासिक सफलता के बाद इसरो द्वारा सूर्य से जुड़े रहस्यों को सुलझाने के लिए आदित्य एल1 को 2 सितंबर को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्पेस सेंटर से प्रक्षेपित किया गया था। 128 दिन की लंबी यात्रा के बाद आदित्य-एल1 पृथ्वी से 15 लाख किलोमीटर दूर लैग्रेंजियन प्वाइंट के हेलो ऑर्बिट में स्थापित होा। यहां पर आदित्य सूर्य को लेकर कई तरह के रहस्यों को सुलझाने की कोशिश करेगा।
90 साल में इन 15 से अधिक देशों ने बदले नाम, इनमें 3 हैं भारत के पड़ोसी
इस दौरान आदित्य एल-1 16 दिनों के दौरान कुल 5 बार धरती की कक्षा बदलेगा। इसरो के अपडेट के अनुसार, 3 दिनों बाद फिर आदित्य एल-1 की कक्षा में बदलाव किया जाएगा। इसरो के वैज्ञानिकों का मानना है कि आदित्य-एल1 के अध्ययन से हमें सूर्य के व्यवहार समेत अन्य रहस्यों को सुलझाने में मदद मिलेगी।
https://www.youtube.com/watch?v=M-Q9Juj0Odk
Aditya L1 selfie Earth Moon: सूर्य के रहस्यों को जानने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organization) द्वारा 2 सितंबर को लॉन्च आदित्य-एल1 लगातार सफलता की ओर बढ़ रहा है। इस बीच आदित्य-एल1 ने एक सेल्फी ली है। इसमें पृथ्वी और चंद्रमा एक ही फ्रेम में नजर आ रहे हैं।
यह सेल्फी इस सप्ताह की शुरुआत यानी 4 सितंबर को ली गई थी, लेकिन इसरो ने अब इसे सोशल मीडिया एक्स पर शेयर किया है। अब लोग भी इस सेल्फी को सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं।
आदित्य-एल1 द्वारा ली गई इस सेल्फी में जहां चंद्रमा बेहद छोटा दिखाई दे रहा है तो पृथ्वी का एक बड़ा हिस्सा नजर आ रहा है। इसमें चांद बाई तरफ है और पृथ्वी दाईं तरफ। यह सेल्फी अब लोगों द्वारा खूब पसंद की जा रही है।
गौरतल है कि चंद्रयान-3 की एतिहासिक सफलता के बाद इसरो द्वारा सूर्य से जुड़े रहस्यों को सुलझाने के लिए आदित्य एल1 को 2 सितंबर को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्पेस सेंटर से प्रक्षेपित किया गया था। 128 दिन की लंबी यात्रा के बाद आदित्य-एल1 पृथ्वी से 15 लाख किलोमीटर दूर लैग्रेंजियन प्वाइंट के हेलो ऑर्बिट में स्थापित होा। यहां पर आदित्य सूर्य को लेकर कई तरह के रहस्यों को सुलझाने की कोशिश करेगा।
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इस दौरान आदित्य एल-1 16 दिनों के दौरान कुल 5 बार धरती की कक्षा बदलेगा। इसरो के अपडेट के अनुसार, 3 दिनों बाद फिर आदित्य एल-1 की कक्षा में बदलाव किया जाएगा। इसरो के वैज्ञानिकों का मानना है कि आदित्य-एल1 के अध्ययन से हमें सूर्य के व्यवहार समेत अन्य रहस्यों को सुलझाने में मदद मिलेगी।