अब NCERT में पढ़ाया जाएगा जड़ी-बूटी का विज्ञान, छात्र सीखेंगे आयुर्वेद के गुर

NCERT ने अपने सिलेबस में बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड ने सिलेबस में आयुर्वेद को भी शामिल किया है। छात्र भारत की पुरानी चिकित्सा पद्धति यानी आयुर्वेद को पढ़ेंगे। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

NCERT में शामिल हुआ आयुर्वेद

NCERT में शामिल हुआ आयुर्वेद

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NCERT Syllabus: आधुनिकता की दौड़ में भारतीय खान भी पश्चिमी से काफी प्रभावित हो चुका है। इसके अलावा देशी खाना भी कैमिकल्स के साये से बर्बाद हो चुका है। बीमारियां बढ़ने के साथ ही अंग्रेजी दवाईयों का वर्चस्व काफी बढ़ गया, लेकिन कोरोना काल में भारत के प्राचीन चिकित्सा यानी आयुर्वेद पर लोगों का भरोसा फिर बढ़ गया। अब लोग आयुर्वेद का काफी सहारा लेने लगे। इसको देखते हुए सबसे बड़े स्कूली बोर्ड ने भी सिलेबस में बदलाव किया है।

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने सिलेबस में बड़ा बदलाव किया है। NCERT ने अपने सिलेबस में आयुर्वेद को शामिल किया है। अब कक्षा 6 से 8 की साइंस किताबों में आयुर्वेद पर आधारित नए चैप्टर जोड़े गए हैं, जिनका उद्देश्य छात्रों को भारत की प्राचीन वैज्ञानिक परंपराओं से परिचित कराना है। बता दें कि केंद्र सरकार ने निर्देश के बाद NCERT ने साइंस पाठ्यक्रम में आयुर्वेद को शामिल किया है।

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बोर्ड ने बताया कि क्लास 8 की किताब ‘Curiosity’ में आयुर्वेद की अवधारणा, क्लास 8 की साइंस किताब ‘Curiosity’ के तीसरे अध्याय में बताया गया है कि आयुर्वेद शरीर, मन और पर्यावरण के बीच संतुलन को महत्व देता है। इसके अलावा क्लास 6 की ‘Curiosity’ साइंस किताब में आयुर्वेद के अनुसार पदार्थों के वर्गीकरण को दर्शाया गया है।

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बता दें कि यूजीसी और आयुष मंत्रालय दोनों संयुक्त रूप से कॉलेज और यूनिवर्सिटी के स्तर पर आयुर्वेद को मेडिकल एजुकेशन के सिलेबस में शामिल करने के लिए मॉड्यूल तैयार कर रहे हैं। पूरा बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मूल विचार पर आधारित है। इसमें ध्यान रखा जाएगा कि शिक्षा को भारतीय ज्ञान परंपरा (Indian Knowledge Systems) से जोड़ा जाए।

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