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Vastu Tips: शादीशुदा महिलाओं का इस दिशा में सोना है नुकसानदेह, जानें सेहत से जुड़े वास्तु नियम

Vastu Tips: घर की दिशाओं का वास्तु शास्त्र में विशेष महत्व है। हर दिशा अपने ऊर्जा प्रभाव के कारण हमारे जीवन को प्रभावित करती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शादीशुदा महिलाओं के लिए यह दिशा सोने के लिए सही नहीं मानी जाती है?

Author Written By: Shyamnandan Updated: Oct 30, 2025 21:40
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Vastu Tips: घर की दिशाओं का वास्तु शास्त्र में बड़ा महत्व है। वास्तु के अनुसार, हर दिशा हमारी ऊर्जा को प्रभावित करती है। खासकर उत्तर-पश्चिम दिशा स्वास्थ्य और शक्ति से जुड़ी मानी जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि शादीशुदा महिलाओं के लिए यह सोने के लिए ठीक नहीं है? आइए जानते हैं, ऐसा क्यों है और इससे जुड़े वास्तु नियम क्या हैं?

उत्तर-पश्चिम दिशा का महत्व

उत्तर-पश्चिम दिशा ऊर्जा का केंद्र है। यदि यह दिशा सही ढंग से व्यवस्थित न हो, तो घर में सकारात्मक ऊर्जा खत्म हो सकती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिशा में दोष होने पर मित्र शत्रु बन जाते हैं और संबंधों में तनाव आ सकता है।

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क्यों है हानिकारक यह दिशा?

शादीशुदा महिलाओं को उत्तर-पश्चिम दिशा में सोने से बचना चाहिए। ऐसा करने पर उनके मन में अलग घर बसाने की इच्छा पैदा हो सकती है और पारिवारिक जीवन में असंतुलन आ सकता है। यह दिशा भावनाओं और मानसिक ऊर्जा पर विशेष प्रभाव डालती है, इसलिए विवाहित महिलाओं के लिए यह नुकसानदेह हो सकती है। वहीं, कुवांरी कन्याओं के लिए यह दिशा शुभ मानी जाती है। इसे सोने से उनके विवाह का योग मजबूत होता है और मानसिक संतुलन बना रहता है।

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घर में दिशा अनुसार कमरे का महत्व

  • यदि आपके घर में नौकर है, तो उसका कमरा उत्तर-पश्चिम दिशा में होना चाहिए।
  • बच्चों की पढ़ाई के लिए उनकी स्टडी टेबल, चेयर आदि ईशान, उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा में रखें।
  • टेबल पर हमेशा लैम्प दक्षिण-पूर्व दिशा में रखें, ताकि पढ़ाई में ध्यान और ऊर्जा बनी रहे।

शौचालय और ऊर्जा संतुलन

शौचालय में बैठते समय हमेशा मुख दक्षिण या उत्तर की दिशा की ओर होना चाहिए, क्योंकि इससे नकारात्मक ऊर्जा का फैलाव कम होता है और घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है।

एक्वेरियम से बढ़ती है सकारात्मकत

उत्तर-पश्चिम दिशा में दोष होने पर इसे दूर करने के लिए फव्वारा या एक्वेरियम रखना चाहिए। इसमें आठ सुनहरी मछलियां और एक काली मछली होने से नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Oct 30, 2025 09:37 PM

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