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Religion

Ulte Hanuman Ji: यहां उल्टे क्यों हैं हनुमान जी? जानें कहां हैं संकटमोचक का यह अनोखा धाम

Ulte Hanuman Ji: हनुमान जयंती पर जहां देशभर में मंदिरों में भीड़ उमड़ती है, वहीं एक ऐसा धाम भी चर्चा में है जहां हनुमान जी उल्टे विराजमान हैं. आखिर क्यों है यह अनोखा स्वरूप? यह रहस्य भक्तों में जिज्ञासा और आस्था दोनों को और गहरा क्यों करता है?

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Written By: Shyamnandan Updated: Apr 2, 2026 18:07
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Ulte Hanuman Ji: हनुमान जयंती के अवसर पर देशभर में बजरंगबली के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है. इसी बीच एक ऐसा अनोखा धाम चर्चा में रहता है, जहां हनुमान जी की प्रतिमा सीधी नहीं बल्कि उल्टी अवस्था में विराजमान है. यह रहस्य और आस्था का संगम भक्तों के मन में जिज्ञासा भी जगाता है और गहरी श्रद्धा भी.

कहां है यह अनोखा मंदिर?

मध्य प्रदेश के इंदौर जिले से करीब 30 किमी दूर सांवेर में यह प्रसिद्ध मंदिर स्थित है. इसे उल्टे हनुमान मंदिर या उल्टे हनुमान धाम के नाम से जाना जाता है. यहां देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, खासकर मंगलवार और शनिवार को भारी भीड़ रहती है.

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क्या है उल्टे स्वरूप का रहस्य?

इस मंदिर की सबसे खास बात है हनुमान जी की उल्टी प्रतिमा. यहां उनका सिर नीचे और पैर ऊपर की ओर दिखाई देते हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह वही स्वरूप है जब हनुमान जी पाताल लोक में प्रवेश कर रहे थे.

रामायण से जुड़ी कथा

कथा के अनुसार, अहिरावण ने भगवान राम और लक्ष्मण का अपहरण कर उन्हें पाताल लोक में ले गया था. तब हनुमान जी उन्हें बचाने के लिए पाताल पहुंचे. कहा जाता है कि उन्होंने उल्टा रूप धारण कर पाताल में प्रवेश किया और अहिरावण का वध कर दोनों भाइयों को सुरक्षित वापस लाए. इसी घटना की स्मृति में यहां उनकी उल्टी प्रतिमा स्थापित की गई.

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कोर्ट-कचहरी के झंझट से राहत

भक्तों का विश्वास है कि यहां दर्शन करने से बड़ी से बड़ी परेशानी दूर हो जाती है. खासतौर पर कोर्ट-कचहरी और बीमारी से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलने की मान्यता है. कई लोग इसे बहुत जागृत स्थान मानते हैं.

विशेष पूजा और परंपरा

यहां हनुमान जी को सिंदूरी चोला चढ़ाने की परंपरा है. श्रद्धालु लगातार तीन या पांच मंगलवार या शनिवार यहां आकर पूजा करते हैं. ऐसा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है.

ग्रह दोष से मुक्ति

मंदिर को लेकर यह भी माना जाता है कि यहां दर्शन करने से शनि और मंगल दोष कम होते हैं. इसलिए ज्योतिषीय समस्याओं से परेशान लोग भी यहां विशेष रूप से आते हैं.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Apr 02, 2026 06:07 PM

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