Sunderkand Path: हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने चालीसा का पाठ करने के साथ ही सुंदरकांड के पाठ का विशेष धार्मिक महत्व है. हनुमान भक्तों को बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए. सुंदरकांड का पाठ करना बहुत ही शुभकारी माना जाता है. सुंदरकांड के पाठ सफलता और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. भक्तों को सुंदरकांड के पाठ से अन्य कई लाभ मिलते हैं. आप सुंदरकांड के पाठ से पहले इसके बारे में सभी जरूरी नियमों के बारे में जान लें. सुंदरकांड पाठ के बारे में सभी बातें आप यहां जान सकते हैं.
क्या है सुंदरकांड?
सुंदरकांड श्रीराम कथा का भाग है इसमें हनुमान जी के बारे में वर्णन है. यह सुंदरकांड रामचरितमानस के सात कांडों में से एक है. इसमें बजरंगबली द्वारा किये गए कार्यों का वर्णन मिलता है. हनुमान जी की लंका यात्रा, सीता जी से भेंट, लंका दहन सभी के बारे में बताया गया है. सुंदरकांड में लंका प्रस्थान से लेकर वापसी तक की सभी घटनाक्रम आते हैं.
सुंदरकांड पाठ के नियम
सुंदरकांड का पाठ हमेशा स्नान आदि के बाद शरीर को शुद्ध कर शुद्ध भाव के साथ करना चाहिए. आप स्नान के बाद साफ कपड़े पहनें और एक चौकी लगाकर भगवान हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित करें. तस्वीर पर फूल माला चढ़ाएं और राम दरबार की तस्वीर रखें. भगवान गणेश, शिव जी, प्रभु श्रीराम और हनुमान जी का आवाहन करें. आप सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर हनुमान जी का तिलक करें. हनुमान जी के समक्ष घी का दीपक जलाएं. प्रभु श्रीराम की वंदना कर सुंदरकांड का पाठ करें. समापन के बाद हनुमान जी और श्रीराम की आरती करें भोग लगाएं और प्रसाद ग्रहण करें.
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सुंदरकांड पाठ करने के लाभ
हनुमान जी को प्रसन्न करने काम में आ रही अड़चनों को दूर करने और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए आपको सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए. व्यापार और नौकरी में तरक्की के लिए सुंदरकांड का पाठ करना शुभ होता है. इन सभी के साथ ही शनि दोष और साढ़ेसाती के बुरे प्रभावों से मुक्ति के लिए सुंदरकांड का पाठ करना शुभ होता है. इसके पाठ से हनुमान जी की कृपा से आपकी हर मनोकामना पूर्ण होती है.
हनुमान जी के नाराज होने के संकेत
अगर बजरंगबली आपसे नाराज होते हैं तो कई संकेत नजर आते हैं. सपने में बंदर दिखना, काम में बाधाएं, काम बिगड़ना और घर में नकारात्मक ऊर्जा का बढ़ना यह सभी हनुमान जी के नाराज होने के संकेत होते हैं. आपको आर्थिक नुकसान होने लगता है और कर्जा बढ़ जाता है.
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सुंदरकांड पाठ के लिए शुभ दिन
हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन खास होता है. इन दिनों पर सुंदरकांड का पाठ करना बहुत ही शुभ माना जाता है. इसके साथ ही पूर्णिमा और एकादशी की तिथि सुंदरकांड के लिए शुभ होती है. हनुमान जयंती उत्सव सुंदरकांड के पाठ के लिए सबसे उत्तम होता है.
इन दिनों न करें सुंदरकांड पाठ
सुंदरकांड का पाठ करने के लिए कई दिन शुभ होते हैं ऐसे ही कई दिनों पर सुंदरकांड का पाठ करने से बचना चाहिए. अमावस्या का दिन सुंदरकांड के लिए सही नहीं होता है. इस दिन आपको सुंदरकांड कराने से बचना चाहिए. इसके साथ ही देर रात को सुंदरकांड नहीं कराना चाहिए.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.










