Masik Shivratri 2026: आज चैत्र मास की पावन मासिक शिवरात्रि है। यह दिन महादेव और माता पार्वती के मिलन का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार, आज का समय विशेष रूप से अटके हुए कामों को पूरा करने और आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए शुभ है। घर में सुख-शांति और धन-संपदा की कामना रखने वाले लोग आज कुछ सरल लेकिन असरदार उपाय कर सकते हैं। आइए जानते हैं, क्या हैं ये उपाय?
गन्ने के रस से अभिषेक: आर्थिक वृद्धि का मार्ग
शिवलिंग पर सूर्यास्त के बाद गन्ने का रस चढ़ाना बेहद फलदायी माना जाता है। गन्ने का रस मां लक्ष्मी का प्रतीक है और इसे अर्पित करने से दरिद्रता दूर होती है। अभिषेक करते समय मन में ‘ॐ नम: शिवाय’ का जाप करते रहें। यह उपाय पुराने कर्ज से मुक्ति दिलाने और नए आय के रास्ते खोलने में मदद करता है।
बेलपत्र और चंदन का संयोग: सौभाग्य जगाने वाला
बेलपत्र भगवान शिव को प्रिय हैं। मासिक शिवरात्रि की रात विशेष रूप से 5 या 11 बेलपत्र लें। बीच की पत्ती पर सफेद चंदन से ‘नमः शिवाय’, ‘राम’ या ‘ॐ’ लिखें और उल्टा शिवलिंग पर चढ़ाएं। साथ में अक्षत के कुछ दाने अर्पित करने से घर में सुख-समृद्धि और नई ऊर्जा आती है।
प्रदोष काल में दीपदान: बाधाओं का नाश
शिवरात्रि की रात प्रदोष काल में दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। घर के मुख्य द्वार पर और शिव मंदिर में गाय के घी का दीपक रखें। मंदिर के दीपक में दो काली मिर्च डालें। ऐसा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और करियर में सफलता बढ़ती है।
रात में शिव रक्षा स्तोत्र का पाठ
रात 9 बजे के बाद शांत आसन पर बैठकर शिव रक्षा स्तोत्र या शिव पंचाक्षर मंत्र का 108 बार जाप करें। आज का दिन नई शुरुआत का प्रतीक है। इस जाप के दौरान मन में किसी के प्रति द्वेष न रखें। श्रद्धा और एकाग्रता से की गई प्रार्थना सीधे महादेव तक पहुंचती है।
अतिरिक्त उपाय: छोटे कर्म, बड़ा असर
अगर संभव हो तो घर में थोड़ी सफाई और शिवालय में विशेष पूजा के लिए हल्का उपवास रखें। आज छोटे-छोटे कर्म भी बहुत बड़ा असर डाल सकते हैं। जैसे दीपक जलाना, बेलपत्र चढ़ाना और मंत्र का जाप। ये साधारण उपाय आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करते हैं।
आज की मासिक शिवरात्रि उन लोगों के लिए विशेष है जो अपने जीवन में नई शुरुआत करना चाहते हैं। यह रात सिर्फ पूजा का समय नहीं बल्कि अपने कर्म और संकल्प को मजबूत करने का अवसर भी है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.