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Radha Ashtami: इन 18 नियमों के पालन बिना अधूरी है राधा अष्टमी की पूजा, जानें व्रत में क्या करें और क्या नहीं?

Radha Ashtami 2025 Vrat Niyam: श्रीराधा को समर्पित राधा अष्टमी को हिंदुओं का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है, जो कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के कुछ दिन बाद आता है। इस दिन साधक व्रत रखते हैं और पूजा-पाठ करते हैं। चलिए जानते हैं राधा अष्टमी व्रत के दौरान किन 18 नियमों का पालन करना जरूरी है।

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Radha Ashtami 2025 Vrat Niyam: हर साल देशभर में धूमधाम से राधा अष्टमी का पर्व मनाया जाता है। खासकर उत्तर प्रदेश में राधा अष्टमी के दिन अलग ही रौनक देखने को मिलती है। इस बार ये पर्व 31 अगस्त 2025, वार रविवार को मनाया जाएगा। मान्यता है कि जो लोग राधा अष्टमी के शुभ दिन व्रत रखते हैं और पूजा-पाठ करते हैं, उन्हें देवी राधा की विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही रिश्तों में मजबूती आती है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। हालांकि राधा अष्टमी की पूजा और व्रत के दौरान कई नियमों का पालन करना चाहिए, नहीं तो पाप लगता है।

राधा अष्टमी व्रत के नियम

  • राधा अष्टमी का व्रत निर्जला और फलाहार दोनों तरीके से रखा जा सकता है। निर्जला व्रत में जल और अन्न कुछ भी खाने की मनाही होती है, जबकि फलाहार के दौरान केवल एक बार फल और जल का सेवन किया जाता है।
  • व्रत वाले दिन गुस्सा न करें और नकारात्मक चीजों से दूर रहें।
  • शुद्ध कपड़े पहनने के बाद ही राधा रानी की पूजा और व्रत का संकल्प लेना चाहिए।
  • यदि एक बार व्रत का संकल्प ले लिया है तो उसे बीच में न तोड़ें। गलती से अगर व्रत का संकल्प टूट जाता है तो राधा रानी से माफी मांगें और फिर पूजा करने के बाद उपवास का पारण करें।

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  • व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करें।
  • राधा रानी को ताजी चीजों का ही भोग लगाएं।
  • राधा रानी को भोग लगाने से पहले खाने को झूठा न करें।
  • राधा अष्टमी व्रत की कथा जरूर पढ़ें या सुनें।
  • शुभ मुहूर्त में ही व्रत का पारण करें।
  • व्रत के दौरान दोपहर में सोने से बचें।
  • सुबह और पारण के अलावा दोपहर में शुभ मुहूर्त में राधा रानी की पूजा जरूर करें।
  • पूजा के दौरान राधा रानी को आपने जिन चीजों का भोग लगाया है, उसे प्रसाद के रूप में खाकर व्रत का पारण करें।
  • व्रत के दिन बाल, नाखून और दाढ़ी काटने से बचें।
  • व्रत का पारण करने से पहले जरूरतमंद लोगों को दान या गौ सेवा करें।
  • व्रत वाले दिन काले या गहरे रंग के कपड़े न पहनें। इस दिन आप पीले या लाल रंग के कपड़े धारण कर सकते हैं।
  • व्रत का पारण करने के बाद बुजुर्गों का आशीर्वाद जरूर लें।
  • खुले बालों में पूजा न करें। राधा रानी की पूजा के दौरान महिलाएं बाल बांधकर और चुनरी से सिर ढककर पूजा करें। जबकि पुरुष रुमाल से सिर को ढकें।
  • राधा अष्टमी के दिन बाल धोने से बचना चाहिए। अष्टमी तिथि के शुरू होने से पहले आप बाल धो सकते हैं।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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First published on: Aug 21, 2025 04:20 PM

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