Vrindavan News: राधारानी के परमभक्त और वृंदावन वाले प्रेमानंद महाराज ने रात में 2 बजे निकलने वाली अपनी पद यात्रा को स्थगित कर दी है। प्रेमानंद जी के श्री हित राधा केली कुंज जाते समय सड़क पर लोगों का हुजूम जमा हो जाता था। इसे लेकर उनके आश्रम के पास रहने वाले स्थानीय लोगों ने इसका विरोध जताया था। बता दें कि प्रेमानंद महाराज की एक झलक पाने के लिए वहां प्रेमानंद जी महाराज के भक्तों और श्रद्धालुओं लोगों की भारी भीड़ जमा हो जाती थी। बताया जाता है कि अक्सर यह भीड़ भीड़ बेकाबू हो जाती थी।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, प्रेमानंद महाराज के श्री हित राधा केली कुंज जाते समय उनके दर्शन के लिए उपस्थित लोगों में काफी बेचैनी रहती थी। रास्ते में दर्शन करने के लिए हजारों की संख्या में लोग उनका इंतजार करते थे, जिसे नियंत्रित करने के लिए उनके शिष्य और प्रशासन उनको रस्सियों के घेरे में महाराज जी को आश्रम तक ले जाते थे। ये भक्त और श्रद्धालु प्रेमानंद महाराज का केवल इंतजार ही नहीं करते थे, बल्कि वे ढोल-नगाड़े, बाजे-गाजे के साथ आते थे और प्रेमानंद जी के आ जाने के बाद वे ढोल-नगाड़े बजाते हुए उनके दर्शन करते थे।
बीमार और बुजुर्ग लोग होते हैं परेशान
प्रेमानंद महाराज के आने से पहले रास्ते में लोग रंगोलिया बनाते थे और उनके इंतजार में घंटे भीड़ खड़ी रहती थी। लेकिन उनके आश्रम के पास रहने वाले स्थानीय निवासियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। इससे वहां रहने वाले बच्चों और बूढ़ों को परेशान होती थी। इसको लेकर आज वहां के स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। यहां के लोगों का कहना है कि जब महाराज जी निकलते हैं, तो उनके शिष्य और प्रशासन रास्ते पर मोटी रस्सी लगा देते हैं और किसी को निकलने नहीं दिया जाता है, जिससे हमारे यहां आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि बैंड-बाजे और ढोल-नगाड़ों की ऊंची और तेज आवाज से इतना ध्वनि प्रदूषण होता है कि आसपास रहने वाले बीमार और बुजुर्ग लोग को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसको लेकर स्थानीय लोगों ने परेशानियां जताई है और विरोध किया है। इसी विरोध के चलते प्रेमानंद महाराज ने अपनी रात्रि में निकलने वाली यात्रा को कल तक के लिए स्थगित कर दिया है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।