---विज्ञापन---

Religion angle-right

Navratri Rituals: जानें नवरात्रि में घटस्थापना के ‘जौ’ के अंकुरण का रहस्य, जिसके रंग में छिपे हैं भविष्य के संकेत

Navratri Rituals: नवरात्रि में घटस्थापना के दौरान बोया जाने वाला ‘जौ’ सिर्फ एक अनाज या केवल एक विधि नहीं, बल्कि माता रानी का आशीर्वाद और आने वाले समय का संकेत है . क्या आप जानते हैं कि इसके रंग और अंकुरण में छिपा है भविष्य का संदेश? जानें इस प्राचीन परंपरा का रहस्य .

---विज्ञापन---

Navratri Rituals: प्रत्यक्ष नवरात्रि हो या गुप्त नवरात्रि, शारदीय हो या चैत्र नवरात्रि, कलश स्थापना के साथ ‘जौ’ बोने की परंपरा सदियों पुरानी है . हिंदू धर्म में जौ को केवल एक अनाज नहीं, बल्कि सृष्टि की पहली फसल और ब्रह्मा जी का स्वरूप माना गया है . मिट्टी के पात्र में जब ‘सप्तधान्य’ के बीच गंगाजल युक्त कलश स्थापित किया जाता है, तो इन नौ दिनों में जौ का उगना महज एक प्राकृतिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि माता रानी के आशीर्वाद और आने वाले समय का सूचक होता है .

क्यों खास है नवरात्रि में जौ बोना?

पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब सृष्टि की रचना हुई थी, तब सबसे पहले जो फसल उगी थी, वह ‘जौ’ ही थी . इसीलिए इसे ‘पूर्ण धान्य’ कहा जाता है . नवरात्रि के दौरान मिट्टी के पात्र में सप्तधान्य (जौ) बोने का अर्थ है कि हम अपनी सुख-समृद्धि की प्रार्थना माता अन्नपूर्णा से कर रहे हैं . इन अंकुरों को ‘जयंती’ या ‘जंत्री’ कहा जाता है . मान्यता है कि बिना जौ बोए नवरात्रि की पूजा अधूरी रहती है, क्योंकि यह हमारे जीवन की प्रगति और खुशहाली का प्रतीक है .

---विज्ञापन---

सप्तधान्य का अर्थ और महत्व

कलश स्थापना में अक्सर ‘सप्तधान्य’ यानी सात प्रकार के अनाजों का प्रयोग होता है, जिनमें जौ सबसे प्रमुख है . इन सात अनाजों में जौं, चावल, तिल, कंगनी, मूंग, चना और गेहूं शामिल होते हैं . ये सात धान्य पृथ्वी की उर्वरता और हमारे जीवन की बुनियादी जरूरतों को दर्शाते हैं . मिट्टी के पात्र में इन्हें बोकर बीच में कलश रखने का अर्थ है कि हमारा जीवन जल (कलश) और अन्न (जौ) से हमेशा भरा रहे .

यह भी पढ़ें: Navratri Vrat Ke Niyam: क्या खाएं, क्या पहनें, कैसे सोएं… विस्तार से जानें नवरात्रि व्रत और पूजा के नियम

---विज्ञापन---

अंकुरों का रंग और शकुन-अपशकुन

जौ के उगने की गति और उसके रंग को लेकर ज्योतिष शास्त्र में कई महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं . यदि जौ तेजी से बढ़ते हैं, तो इसे बहुत शुभ माना जाता है . इसका अर्थ है कि घर में उन्नति होगी .

सफेद या हरा रंग: यदि जौ के ऊपर का हिस्सा हरा हो और नीचे का हिस्सा सफेद हो, तो यह संकेत देता है कि साल की शुरुआत अच्छी होगी और अंत में बहुत बड़ा लाभ मिलेगा .
पूरा हरा रंग: यदि जौ पूरी तरह से गहरे हरे रंग के और घने उगते हैं, तो यह पूरे वर्ष सुख-शांति और आर्थिक मजबूती का प्रतीक है .
पीला या काला रंग: यदि जौ का रंग पीला पड़ जाए या वे काले होकर सूखने लगें, तो इसे आने वाली किसी परेशानी या बीमारी का संकेत माना जाता है . ऐसे में माता से क्षमा प्रार्थना करनी चाहिए .

---विज्ञापन---

टेढ़ी या धीमी वृद्धि के मायने

कई बार जौ बहुत धीरे उगते हैं या एक तरफ झुक जाते हैं . ज्योतिष के अनुसार, धीमी वृद्धि यह दर्शाती है कि आपको अपने लक्ष्यों को पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी . यदि अंकुर टेढ़े-मेढ़े उग रहे हैं, तो यह मानसिक तनाव या कार्यों में रुकावट का इशारा हो सकता है . नवरात्रि की अष्टमी या नवमी को इन अंकुरों का पूजन किया जाता है और फिर इन्हें पवित्र नदी में विसर्जित किया जाता है .

यह भी पढ़ें: Lord Budha Story: महात्मा बुद्ध की चुप्पी ने बदल दी कहानी, शांति में होती है सच्ची ताकत

---विज्ञापन---

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Mar 18, 2026 07:52 PM

End of Article

About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola