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Mercury Bracelet: केवल फैशन नहीं प्राकृतिक इम्यून बूस्टर है पारद का कड़ा, करता है घातक बीमारियों से बचाव

Mercury Bracelet: ज्योतिष शास्त्र में पारद धातु का कड़ा केवल आभूषण नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य, मानसिक शांति और नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा का एक प्राकृतिक साधन है. इसे पहनकर व्यक्ति अपनी ऊर्जा और संतुलन दोनों को बेहतर बना सकता है. आइए जानते हैं, इसे पहनने के फायदे.

Mercury Bracelet: हाथ में कड़ा पहनने की परंपरा सदियों पुरानी है. ज्योतिष शास्त्र के उपायों में पारद का कड़ा खासतौर पर स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिए लाभकारी माना गया है. यह न केवल शरीर की कमजोरी और बीमारियों से रक्षा करता है बल्कि नकारात्मक प्रभावों से भी बचाव करता है. पारद कड़ा पहनकर व्यक्ति में ऊर्जा, संतुलन और मानसिक शक्ति बढ़ती है.

आपको बता दें कि पारद को ‘रसराज’ यानी धातुओं का राजा भी कहा गया है. इसे बुध के लाभ प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. साथ ही, पारद को भगवान शिव का ही अंश माना गया है.

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पारद कड़े का महत्व

पारद एक जीवंत धातु है. इसे पहनने से शरीर और मन दोनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जिन्हें मौसम बदलने पर जल्दी रोग लग जाते हैं या शारीरिक कमजोरी रहती है.

रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाता है

हाथ में पारद का कड़ा पहनने से शरीर की इम्यूनिटी मजबूत होती है. सर्दी-जुकाम, कमज़ोरी, पेट और जोड़ों के दर्द जैसी समस्याएं कम होती हैं. यह शरीर में खून का संचार सुधारकर शारीरिक ऊर्जा बनाए रखता है.

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मानसिक शांति और नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा

पारद को भगवान शिव का स्वरूप माना गया है. इसे पहनने से नकारात्मक प्रभाव जैसे भय, तनाव और मानसिक अवसाद कम होते हैं. आलस्य, ईर्ष्या, अहंकार जैसी मानसिक परेशानियों में भी राहत मिलती है.

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दर्द और शारीरिक असुविधा में लाभ

कमर, हाथ-पैर और पेट के दर्द में पारद कड़ा लाभकारी होता है. इसकी स्पंदन क्षमता शरीर में रक्त संचार को संतुलित रखती है. रोजाना पहनने से व्यक्ति का मन और शरीर दोनों सक्रिय रहते हैं.

आलस्य और मानसिक थकान दूर करता है

पारद कड़ा पहनने से शरीर में ऊर्जा का संचार बढ़ता है. व्यक्ति अधिक सक्रिय और स्फूर्ति महसूस करता है. मानसिक थकान, चिंता और नकारात्मक विचार कम होते हैं.

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जानें उपयोग का तरीका

पारद कड़ा हमेशा हाथ में सही तरीके से पहनना चाहिए. इसे नियमित पहनने से स्वास्थ्य और मानसिक लाभ अधिकतम होते हैं. इसे किसी शुभ दिन धारण करना विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Mar 03, 2026 06:57 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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