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Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर इन उपायों से मिलेगी पितृ दोष से मुक्ति, तीन पीढ़ियों के पूर्वज होंगे प्रसन्न

Mauni Amavasya 2026: पितृ दोष से मुक्ति के लिए आप मौनी अमावस्या पर खास उपाय कर सकते हैं. आप इन उपायों को करके तीन पीढ़ियों के पूर्वजों को प्रसन्न कर सकते हैं. इन उपायों से पितरों को प्रसन्न कर आपका जीवन खुशियों से भरेगा.

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Mauni Amavasya 2026: माघ माह की अमावस्या तिथि को मौनी अमावस्या के तौर पर मनाया जाता है. माघ माह की अमावस्या तिथि कि शुरुआत 18 जनवरी 2026 को रात 12 बजकर 3 मिनट से लेकर 19 जनवरी 2026 को रात 1 बजकर 21 मिनट तक रहेगी. अमावस्या पर स्नान, दान और पितृ तर्पण का समय सूर्योदय के बाद और सूर्यास्त से पहले होता है. ऐसे में मौनी अमावस्या 18 जनवरी 2026, दिन रविवार को है. मौनी अमावस्या पर पवित्र नदी में स्नान करें और दान-पुण्य का काम करें. आप पितृ दोष से मुक्ति के लिए खास उपाय कर सकते हैं.

पितृ दोष से मुक्ति के उपाय

त्रिपिंडी श्राद्ध

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पितरों को प्रसन्न करने और पितृ दोष से मुक्ति के लिए काशी, गया और त्र्यंबकेश्वर में त्रिपिंडी श्राद्ध करना चाहिए. त्रिपिंडी श्राद्ध करने से तीन पीढ़ियों के पूर्वजों को प्रसन्न कर सकते हैं. इससे पितृ दोष से मुक्ति मिलती है. पितृ प्रसन्न होते हैं. त्रिपिंडी श्राद्ध में ब्रह्मा, विष्णु और महेश त्रिदेवों की पूजा की जाती है. श्राद्ध के दौरान अन्न से बनाया गया पिंड दान किया जाता है.

त्रिपिंडी श्राद्ध पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए किया जाता है. अगर किसी की मृत्यु कम उम्र में, अप्राकृतिक तरीके से या आत्महत्या से हुई है तो यह त्रिपिंडी श्राद्ध प्रभावी होता है. इस त्रिपिंडी श्राद्ध को करने से पितृ प्रसन्न होते हैं. पितरों के प्रसन्न होने से वंश वृद्धि, सुख-समृद्धि और पारिवारिक शांति प्राप्त होती है.

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पितृ दोष से मुक्ति के अन्य उपाय

पितरों को प्रसन्न करने और पितृ दोष से मुक्ति के लिए पितरों का गंगाजल से तर्पण करना चाहिए. मौनी अमावस्या प्रयागराज के संगम तट पर तर्पण करने से विशेष लाभ मिलता है. गंगाजल से पितरों का तर्पण करने से मोक्षदायिनी मां गंगा की कृपा से पितरों का उद्धार होता है.

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पितृ दोष से मुक्ति के लिए पितृ सूक्त या पितृ कवच का पाठ करना चाहिए. इससे नाराज पितरों को प्रसन्न कर सकते हैं. ऐसी मान्यता है कि, इनका पाठ करने से नाराज पितरों को प्रसन्न कर जीवन में खुशियां आती हैं. पितृ दोष के प्रभाव को कम करने के लिए पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Jan 16, 2026 02:19 PM

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About the Author

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. धर्म-ज्योतिष में अमन अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लिखते हैं. अमन ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ भीम राव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया है. अमन पिछले 5 सालों से डिजिटल मीडिया में कार्यरत हैं. अमन ने अपने करियर की शुरुआत जी मीडिया डीएनए हिंदी से की थी. डीएनए हिंदी में ट्रेनी जर्नलिस्ट के तौर पर जुड़ें. इसके बाद डीएनए हिंदी में सब-एडिटर के पद पर काम किया. यहां धर्म और ज्योतिष की बीट पर काम किया. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501

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