Margashirsha Maas 2025: सनातन धर्म के पंचांग के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के अगले दिन मार्गशीर्ष मास शुरू हो जाता है, जो अगहन महीना के नाम से अधिक लोकप्रिय है. इस साल अगहन महीने की शुरुआत 6 नवंबर, 2025 से हो रही है. कार्तिक माह के देवोत्थान, तुलसी विवाह, कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली के बाद अगहन मास से सभी मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं. चातुर्मास के बाद लग्न की शुरुआत भी इस महीने से होती है. आइए जानते हैं, इस महीने का महत्व क्या है और कौन-से काम करने से सुख-समृद्धि और बरकत के द्वार खुलेंगे?
भगवान कृष्ण को प्रिय है यह महीना
अगहन का महीना सनातन पंचांग का नौवां महीना होता है. यह महीना भगवान कृष्ण को बेहद प्रिय है. भगवदगीता में वे कहते हैं, ‘मासों में मैं मार्गशीर्ष हूं’. इसलिए इस महीने में भगवान कृष्ण की पूजा करने से विशेष लाभ होता है. मान्यता है कि मार्गशीर्ष मास में किया गया हर पुण्य कार्य अनेक जन्मों के पापों का क्षय कर देता है और मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति के योग्य बनाता है. यही कारण है कि इस मास में यज्ञ, स्नान, दान और दीपदान का बहुत महत्व है.
अगहन महीने का महत्व
मार्गशीर्ष या अगहन का महीना मांगलिक कार्य, लग्न, पर्व-त्यौहार, ग्रह-नक्षत्र, मौसम और खेतीबारी के लिए बेहद खास होता है. देवोत्थान एकादशी के दिन भगवान विष्णु के योगनिद्रा से जागने के बाद कार्तिक चतुर्दशी को भगवान शिव संसार के संचालन का कार्यभार फिर उन्हें सौंपते हैं. मार्गशीर्ष का महीना तुलसी माता के पूजन के लिए भी शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इसी मास में देवी तुलसी की उत्पत्ति हुई थी. इसलिए इस माह में तुलसी पूजा का फल अनंत गुना बढ़ जाता है.
बरकत के लिए करें ये काम
मार्गशीर्ष या अगहन के पवित्र महीने में किए गए शुभ कर्म पापों को नष्ट कर सुख, समृद्धि और मोक्ष के द्वार खोलते हैं. धार्मिक मान्यता है कि इस काल में विशेष पूजा, दान और भक्ति करने से जीवन में हर तरह की बरकत आती है. आइए जानते हैं, इस महीने में किए जाने वाले 5 उपयोगी काम…
भगवान कृष्ण की उपासना करें
मार्गशीर्ष मास भगवान श्रीकृष्ण को अत्यंत प्रिय है. इस महीने हर सुबह स्नान के बाद ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करें. ऐसा करने से मन की शुद्धि होती है, पापों का क्षय होता है और जीवन में शांति व सुख-समृद्धि आती है.
तुलसी पूजा और दीपदान करें
इस महीने तुलसी माता की विशेष पूजा करने का विधान है. तुलसी के पास दीपक जलाएं, जल अर्पित करें और तुलसी स्तोत्र का पाठ करें. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है.
अन्नदान, वस्त्रदान और गौसेवा करें
अगहन माह में किया गया दान हजार गुना फलदायी माना गया है. गरीबों को अन्न, वस्त्र, मिठाई या दक्षिणा दें. यदि संभव हो तो गौसेवा करें. ऐसा करने से घर में बरकत आती है, धन-संपत्ति की वृद्धि होती है और मनुष्य के सभी कष्ट दूर होते हैं.
श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ करें
मार्गशीर्ष महीना गीता जयंती का भी समय है. इस माह श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ करने से आत्मिक शांति मिलती है और कर्म बंधनों से मुक्ति मिलती है. यह उपाय मोक्ष की प्राप्ति में सहायक माना गया है.
शुक्रवार और पूर्णिमा के दिन लक्ष्मी पूजन करें
इस पवित्र महीने में शुक्रवार और पूर्णिमा को लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व है. घर में घी का दीपक जलाकर मां लक्ष्मी को गुलाब के फूल अर्पित करें. इससे घर में धन की वृद्धि, समृद्धि और स्थायी बरकत बनी रहती है.
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