Mahashivratri 2024 : पहली बार व्रत रखने से पहले जानें लें नियम, मनोकामनाएं पूरी करेंगे भोलेनाथ

Mahashivratri 2024 Fasting Rules: महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है। मान्यता है जो लोग इस दिन व्रत रखते हैं उनकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि अगर पहली बार महाशिवरात्रि का व्रत रखने का मन कर रहा है तो किस विधि से रख सकते हैं, व्रत का फल क्या मिलेगा। अगर नहीं तो आइए आज इस खबर में इन्हीं सब के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं।

Mahashivratri 2024 fasting rules
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Mahashivratri 2024 Fasting Rules: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए महाशिवरात्रि का पर्व सबसे उत्तम होता है। मान्यता है कि जो भक्त महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखते हैं, विधि-विधान से पूजा अर्चना करते हैं उनकी सारी मनोकामना पूर्ण होती है। साथ ही पूरे साल का पूजा का फल एक दिन में ही मिलता है। इसलिए भक्त महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखने के लिए ज्यादा उत्सुक रहते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि अगर पहली बार महाशिवरात्रि का व्रत करना चाहते हैं तो किस विधि से कर सकते हैं। अगर नहीं तो आज इस खबर में जानेंगे कि पहली बार महाशिवरात्रि पर व्रत रखने जा रहे हैं तो किन-किन नियमों का पालन करना चाहिए। साथ ही किस प्रकार पूजा करनी चाहिए। आइए इन सभी के बारे में विस्तार से जानते हैं।

इस विधि से करें व्रत की शुरुआत

ज्योतिषियों के अनुसार, महाशिवरात्रि व्रत की शुरुआत फाल्गुन माह की त्रयोदशी तिथि से ही हो जाती है। त्रयोदशी तिथि के दिन शुद्ध और सात्विक भोजन करना चाहिए। बता दें कि कुछ लोग त्रयोदशी तिथि के दिन से ही महाशिवरात्रि व्रत की शुरुआत कर देते हैं। लेकिन आप पहली बार महाशिवरात्रि का व्रत कर रहे हैं तो आप चतुर्दशी से शुरू कर सकते हैं। चतुर्दशी के दिन महाशिवरात्रि व्रत शुरुआत करने के लिए पूजा से पहले व्रत का संकल्प लें। उसके बाद भगवान शिव जी पर धतूरा, भांग, बेर, गन्ना और चंदन अर्पित करें। वहीं सुहागन महिलाएं महाशिवरात्रि के दिन सुहाग की प्रतीक जैसे- चूड़ियां, बिंदी और सिंदूर अर्पित कर सकती हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन फल का सेवन कर सकते हें लेकिन नमक का सेवन भूलकर भी न करें।

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महाशिवरात्रि की व्रत विधि

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि की पूजा चार पहर में की जाती है। मान्यता है कि सभी पहर की पूजा में ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करते रहें। साथ ही संभव हो तो शिव मंदिर में जाकर इस मंत्र का जाप करें। ज्योतिषियों के अनुसार, महाशिवरात्रि के चार पहर में ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। साथ ही जो लोग महाशिवरात्रि के दिन रुद्राभिषेक का पाठ करते हैं उनसे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।

महाशिवरात्रि व्रत के लाभ

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, महाशिवरात्रि का व्रत बहुत ही प्रभावशाली माना गया है। मान्यता है कि अविवाहित महिलाएं महाशिवरात्रि का व्रत रखती हैं तो उन्हें जल्द ही व्रत का फल मिलता है। साथ ही मन योग्य वर मिलता है। वहीं जो विवाहित महिलाएं इस दिन व्रत रखती हैं तो उन्हें चिर सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही परिवार में खुशहाली आती है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

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