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Ekadashi Vrat: सफलता, समृद्धि और शोहरत चाहिए? जरूर रखें ये 5 एकादशी व्रत; भगवान शिव ने स्वयं बतलाया इनका महत्व

Ekadashi Vrat: साल में कुछ 24 एकादशियां होती हैं। मलमास होने पर इनकी संख्या 26 हो जाती हैं। यहां 5 ऐसी एकादशी की चर्चा की गई है, जो न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि वे भौतिक सुख, सामाजिक शोहरत और आंतरिक संतुलन भी प्रदान करती हैं। इसके बारे में स्वयं महादेव शिव ने देवर्षि नारद को बताया है। आइए जानते हैं, इन इन 5 पावन एकादशियों के बारे में।

Ekadashi Vrat: हिंदू धर्म में व्रत-उपवास का विशेष स्थान है। इनमें एकादशी का व्रत सबसे शुभ और फलदायी माना जाता है। साल भर में कुल 24 एकादशी आती हैं, जो भगवान विष्णु को समर्पित होती हैं। इस व्रत के दिन सात्विक आहार, संयम और भक्ति भाव के साथ भगवान विष्णु की आराधना की जाती है। मान्यता है कि इससे जीवन की नकारात्मकता दूर होती है और शुभता और समृद्धि का वास होता है।

आपको बता दें कि पद्म पुराण के उत्तर खंड में भगवान शिव ने स्वयं नारद जी को 5 ऐसी खास एकादशियों के बारे में बताया है, जो जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश करती हैँ और सिर्फ पुण्य ही नहीं, सफलता, समृद्धि और शोहरत भी प्रदान करती हैं। आइए जानते हैं, जीवन के हर क्षेत्र में उन्नति दिलाने वाली इन 5 पावन एकादशियों के बारे में।

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जया एकादशी

जया एकादशी को पापों से मुक्ति का द्वार माना गया है। जब शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर पुनर्वसु नक्षत्र हो, तब जया एकादशी आती है। यह व्रत सभी प्रकार के पापों से मुक्ति दिलाने वाला होता है। मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन उपवास रखकर भगवान विष्णु का पूजन करता है, उसे आत्मिक शुद्धि प्राप्त होती है और अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता।

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विजया एकादशी

विजया एकादशी के बारे में कहा जाता है कि यह हर कार्य में विजय दिलाती है। यह एकादशी शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि पर श्रवण नक्षत्र में आती है। माना जाता है कि इस दिन किया गया दान और ब्राह्मण भोजन हजारों गुना फल देता है। जीवन में सफलता, कार्य सिद्धि और सामाजिक मान-सम्मान मिलता है।

पापमोचनी एकादशी

पापमोचनी का अर्थ है पाप से मोक्ष का मार्ग, जब शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि पर पुष्य नक्षत्र हो, तब पापमोचनी एकादशी आती है। इस दिन तिल का दान करना और भगवान विष्णु की पूजा विशेष फलदायक होती है। यह एकादशी न केवल पापों से मुक्ति देती है, बल्कि जीवन में आने वाली बाधाओं को भी दूर करती है।

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निर्जला एकादशी

ज्येष्ठ माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहा जाता है। यह एकादशी सबसे कठिन लेकिन सबसे श्रेष्ठ है। इस दिन जल तक ग्रहण नहीं किया जाता, इसलिए इसे निर्जला कहा गया है। इस एकादशी का व्रत रखने से पूरे साल की 24 एकादशियों का पुण्य मिलता है।यह व्रत जीवन में चमत्कारी बदलाव लाने वाला माना गया है। इस साल यह एकादशी 6 जून, 2025 को मनाई जाएगी।

मोक्षदा एकादशी

मार्गशीर्ष मास के शुक्लपक्ष की एकादशी को मोक्षदा एकादशी कहा जाता है। सभी प्रकार के पापों का नाश करने वाली मोक्षदा एकादशी का व्रत रखने और विष्णु पूजन करने से जन्मों के पाप भी नष्ट हो जाते हैं। मानसिक शांति, आत्मविश्वास में वृद्धि और प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है। यह एकादशी इस साल 1 दिसंबर, 2025 को पड़ रही है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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First published on: May 22, 2025 07:32 AM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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