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Kaalchakra: जन्म के साथ ही व्यक्ति पर चढ़ जाते हैं ये 4 कर्ज, पंडित सुरेश पांडेय से जानें चुकाने के उपाय
Kaalchakra Today: कुछ ऋण यानी कर्ज ऐसे होते हैं, जो जन्म से ही व्यक्ति पर चढ़ जाते हैं. यदि सही समय पर इन ऋण को चुकाया नहीं जाता है तो व्यक्ति कभी खुश नहीं रहता है. चलिए प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं कि कौन-कौन से ऋण व्यक्ति के ऊपर जन्म से ही चढ़ जाते हैं और उन्हें कैसे चुकाया जाता है.
Kaalchakra Today 7 October 2025: अधिकतर लोग ऋण यानी कर्ज लेने से दूर भागते हैं क्योंकि हर समय इन्हें चुकाने की टेंशन रहती है. हालांकि, कुछ कर्ज ऐसे भी होते हैं, जो जन्म के साथ ही हर एक व्यक्ति पर चढ़ जाते हैं. यदि सही समय पर व्यक्ति इन ऋण को चुकाता नहीं है तो उसे कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. शास्त्रों में भी ऐसे ही पितृ ऋण, मातृ ऋण, ऋषि ऋण और देव ऋण के बारे में बताया गया है. इन चारों ऋण को चुकाना जरूरी होता है, नहीं तो व्यक्ति कभी खुश नहीं रहता है.
आज के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको बताने जा रहे हैं कि पितृ ऋण, मातृ ऋण, ऋषि ऋण और देव ऋण क्या होता है और इनके बारे में कैसे पता चलता है. साथ ही आपको इन कर्ज को चुकाने के उपायों के बारे में भी पता चलेगा.
मातृ ऋण क्या होता है?
मातृ ऋण कुंडली में माता और मातृ पक्ष के प्रति किए गए बुरे कर्मों के कारण लगता है, जो कि मामा, नानी और मौसी की उपेक्षा में आता है. इसके अलावा मां का तिरस्कार करना भी मातृ ऋण में आता है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Kaalchakra Today 7 October 2025: अधिकतर लोग ऋण यानी कर्ज लेने से दूर भागते हैं क्योंकि हर समय इन्हें चुकाने की टेंशन रहती है. हालांकि, कुछ कर्ज ऐसे भी होते हैं, जो जन्म के साथ ही हर एक व्यक्ति पर चढ़ जाते हैं. यदि सही समय पर व्यक्ति इन ऋण को चुकाता नहीं है तो उसे कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. शास्त्रों में भी ऐसे ही पितृ ऋण, मातृ ऋण, ऋषि ऋण और देव ऋण के बारे में बताया गया है. इन चारों ऋण को चुकाना जरूरी होता है, नहीं तो व्यक्ति कभी खुश नहीं रहता है.
आज के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको बताने जा रहे हैं कि पितृ ऋण, मातृ ऋण, ऋषि ऋण और देव ऋण क्या होता है और इनके बारे में कैसे पता चलता है. साथ ही आपको इन कर्ज को चुकाने के उपायों के बारे में भी पता चलेगा.
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मातृ ऋण क्या होता है?
मातृ ऋण कुंडली में माता और मातृ पक्ष के प्रति किए गए बुरे कर्मों के कारण लगता है, जो कि मामा, नानी और मौसी की उपेक्षा में आता है. इसके अलावा मां का तिरस्कार करना भी मातृ ऋण में आता है.