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Kaalchakra: मां लक्ष्मी की उपासना से दूर होगी दरिद्रता, पंडित सुरेश पांडेय से जानें शुभ माह, तिथि और दिन
Kaalchakra Today: मां लक्ष्मी को धन की देवी माना जाता है, जिनकी कृपा से जीवन में सुख, शांति, पैसे, खुशहाली, वैभव और समृद्धि का वास होता है. हालांकि, कुछ तिथि, नक्षत्र और माह में मां लक्ष्मी की उपासना करना शुभ नहीं होता है. आज प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको ये बताएंगे कि कब-कब मां लक्ष्मी की पूजा करने से व्यक्ति को लाभ व नुकसान होता है.
Kaalchakra Today 27 November 2025: सनातन धर्म के लोगों के लिए महालक्ष्मी यानी मां लक्ष्मी की पूजा का खास महत्व है, जिन्हें धन, समृद्धि, सुख और शांति की देवी माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, जिन लोगों के ऊपर मां लक्ष्मी की कृपा होती है, वो खुशी-खुशी अपना जीवन व्यतीत करते हैं. यदि आप भी धन की कमी, खराब सेहत, नकारात्मक ऊर्जा और गृह क्लेश आदि समस्याओं से छुटकारा पाना चाहते हैं तो नियमित रूप से मां लक्ष्मी की उपासना करें. हालांकि, हर महीना व दिन मां लक्ष्मी की उपासना के लिए शुभ नहीं होता है. किसी महीने में अगर कोई तिथि, नक्षत्र और दिन बहुत शुभ है या कई महासंयोग बन रहे हैं तो लक्ष्मी जी की उपासना की जा सकती है.
आज के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको बताने जा रहे हैं कि साल में कब-कब माता लक्ष्मी की उपासना करना शुभ रहेगा. साथ ही आपको ये पता चलेगा कि कब-कब लक्ष्मी जी की पूजा करने से बचना अच्छा रहता है.
कब-कब मां लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए?
साल में दो बार नवरात्रि आती है. पहली शारदीय और दूसरी चैत्र नवरात्री है. मां शक्ति और माता लक्ष्मी की उपासना के लिए साल की दोनों नवरात्रि का खास महत्व है.
महालक्ष्मी की उपासना के लिए किसी भी माह की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, नवमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, चतुर्दशी और पूर्णिमा तिथि शुभ होती है. यदि इन तिथियों में आप मां लक्ष्मी की उपासना करते हैं तो आपकी कोई भी इच्छा पूरी हो सकती है.
सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार का दिन लक्ष्मी पूजन के लिए बहुत ज्यादा शुभ होता है.
लक्ष्मी पूजन के लिए शुक्रवार का दिन सबसे श्रेष्ठ होता है. यदि आप मां लक्ष्मी की पूजा शुरू करने जा रहे हैं तो इसके लिए शुक्रवार का दिन ही चुनें.
लक्ष्मी माता की साधना के लिए वैशाख और आश्विन का महीना सबसे उत्तम होता है.
हर तरह की साधना और मंत्र जाप के लिए चतुर्थी तिथि अशुभ होती है. खासकर, चतुर्थी तिथि पर मां लक्ष्मी की उपासना करने से बचना चाहिए, इसलिए इस दिन बेहद सावधान रहें.
पुरुषोत्तम मास हर तरह के कार्यों के लिए वर्जित होता है. इस दौरान न लक्ष्मी उपासना करनी चाहिए और न ही कोई मंत्र ग्रहण करना चाहिए. इस माह में आप भगवान विष्णु और शिव जी की साधना कर सकते हैं.
https://www.youtube.com/watch?v=KvMXL8mlrAc
यदि आप जानना चाहते हैं कि और कौन-सी तिथियों पर माता लक्ष्मी की पूजा करने से बचना चाहिए तो उसके लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देखें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Kaalchakra Today 27 November 2025: सनातन धर्म के लोगों के लिए महालक्ष्मी यानी मां लक्ष्मी की पूजा का खास महत्व है, जिन्हें धन, समृद्धि, सुख और शांति की देवी माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, जिन लोगों के ऊपर मां लक्ष्मी की कृपा होती है, वो खुशी-खुशी अपना जीवन व्यतीत करते हैं. यदि आप भी धन की कमी, खराब सेहत, नकारात्मक ऊर्जा और गृह क्लेश आदि समस्याओं से छुटकारा पाना चाहते हैं तो नियमित रूप से मां लक्ष्मी की उपासना करें. हालांकि, हर महीना व दिन मां लक्ष्मी की उपासना के लिए शुभ नहीं होता है. किसी महीने में अगर कोई तिथि, नक्षत्र और दिन बहुत शुभ है या कई महासंयोग बन रहे हैं तो लक्ष्मी जी की उपासना की जा सकती है.
आज के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको बताने जा रहे हैं कि साल में कब-कब माता लक्ष्मी की उपासना करना शुभ रहेगा. साथ ही आपको ये पता चलेगा कि कब-कब लक्ष्मी जी की पूजा करने से बचना अच्छा रहता है.
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कब-कब मां लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए?
साल में दो बार नवरात्रि आती है. पहली शारदीय और दूसरी चैत्र नवरात्री है. मां शक्ति और माता लक्ष्मी की उपासना के लिए साल की दोनों नवरात्रि का खास महत्व है.
महालक्ष्मी की उपासना के लिए किसी भी माह की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, नवमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, चतुर्दशी और पूर्णिमा तिथि शुभ होती है. यदि इन तिथियों में आप मां लक्ष्मी की उपासना करते हैं तो आपकी कोई भी इच्छा पूरी हो सकती है.
सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार का दिन लक्ष्मी पूजन के लिए बहुत ज्यादा शुभ होता है.
लक्ष्मी पूजन के लिए शुक्रवार का दिन सबसे श्रेष्ठ होता है. यदि आप मां लक्ष्मी की पूजा शुरू करने जा रहे हैं तो इसके लिए शुक्रवार का दिन ही चुनें.
लक्ष्मी माता की साधना के लिए वैशाख और आश्विन का महीना सबसे उत्तम होता है.
हर तरह की साधना और मंत्र जाप के लिए चतुर्थी तिथि अशुभ होती है. खासकर, चतुर्थी तिथि पर मां लक्ष्मी की उपासना करने से बचना चाहिए, इसलिए इस दिन बेहद सावधान रहें.
पुरुषोत्तम मास हर तरह के कार्यों के लिए वर्जित होता है. इस दौरान न लक्ष्मी उपासना करनी चाहिए और न ही कोई मंत्र ग्रहण करना चाहिए. इस माह में आप भगवान विष्णु और शिव जी की साधना कर सकते हैं.
यदि आप जानना चाहते हैं कि और कौन-सी तिथियों पर माता लक्ष्मी की पूजा करने से बचना चाहिए तो उसके लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देखें.