Mata Annapurna ki Aarti Lyrics In Hindi: सनातन धर्म के लोगों के लिए भगवान शिव की अर्धांगिनी देवी पार्वती की पूजा का खास महत्व है. माता पार्वती ने राक्षसों का संहार, भक्तों की रक्षा और ब्रह्मांड को बचाने के लिए समय-समय पर विभिन्न रूप लिए हैं. मां अन्नपूर्णा भी मां पार्वती का एक रूप हैं, जो कि उन्होंने सृष्टि में भोजन और पोषण व जीवन को बनाए रखने के लिए लिया था. धार्मिक मान्यता के अनुसार, जिन लोगों के ऊपर मां अन्नपूर्णा की विशेष कृपा होती है, उन्हें जीवन में कभी भी अन्न की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है. साथ ही धन की कमी और खराब सेहत आदि समस्याओं से छुटकारा मिलता है.
यदि आप भी मां अन्नपूर्णा की पूजा करते हैं तो नियमित रूप से उनकी आरती जरूर करें. इससे न सिर्फ आपको नकारात्मक ऊर्जा से छुटकारा मिलेगा, बल्कि घर-परिवार में सुख-शांति का वास होगा. यहां पर आप मां अन्नपूर्णा की आरती के सही लिरिक्स पढ़ सकते हैं.
श्री अन्नपूर्णा माता जी की आरती (Mata Annapurna ki Aarti In Hindi)
बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम।
जो नहीं ध्यावे तुम्हें अम्बिके,कहां उसे विश्राम।
अन्नपूर्णा देवी नाम तिहारे,लेते होत सब काम॥
प्रलय युगान्तर और जन्मान्तर,कालान्तर तक नाम।
सुर सुरों की रचना करती,कहाँ कृष्ण कहाँ राम॥
चूमहि चरण चतुर चतुरानन,चारु चक्रधरश्याम।
चन्द्र चूड़ चन्द्रानन चाकर,शोभा लखहि ललाम॥
देवी देव दयनीय दशा में,दया दया तव नाम।
त्राहि-त्राहि शरणागत वत्सल,शरण रूप तव धाम॥
श्रीं, ह्रीं, श्रद्धा, श्रीं ऐं विद्या,श्रीं क्लीं कमल काम।
कान्तिभ्रांतिमयी कांति शांतिमयीवर देतु निष्काम॥
मां अन्नपूर्णा का प्रिय रंग (Mata Annapurna ka Priya Rang)
धार्मिक मान्यता के अनुसार, पीला, लाल और सुनहरा रंग माता अन्नपूर्णा को अति प्रिय है. पीला रंग जहां सकारात्मकता और खुशहाली को दर्शाता है, वहीं लाल रंग को शक्ति का प्रतीक माना जाता है, जबकि सुनहरा रंग ज्ञान, धन, सफलता, उदारता और समृद्धि का प्रतीक है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.