Kaalchakra Today 14 January 2026: मकर संक्रांति का पर्व इस साल दो दिनों मनाया जा रहा है. 14 या 15 जनवरी पर मकर संक्रांति मनाने को लेकर भ्रम की स्थिति में कई लोग 14 जनवरी को तो कई लोग 15 जनवरी को मकर संक्रांति मना रहे हैं. मकर संक्रांति का पर्व सूर्य ग्रह के मकर राशि में प्रवेश करने पर मनाया जाता है. मकर संक्रांति पर सूर्य की पूजा अर्चना की जाती है और दान पुण्य का महत्व होता है. कई चीजों के बिना मकर संक्रांति का पर्व अधूरा माना जाता है. चलिए इसके बारे में जानते हैं.
आज 14 जनवरी 2026 के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको बताने जा रहे हैं कि मकर संक्रांति का पर्व किन चीजों के बिना अधूरा माना जाता है.
इन चीजों के बिना अधूरा है मकर संक्रांति का पर्व
तिल का उपाय
मकर संक्रांति पर तिल का उपाय करना बेहद शुभ होता है. मकर संक्रांति पर काले तिल का दान कर सकते हैं. इस दिन काले तिल का दान करने से व्यक्ति को लाभ मिलता है. तिल को पापनाशक माना जाता है. यह देवताओं और पितरों को अति प्रिय होता है. भगवान शिव की पूजा में काले तिल का प्रयोग करें. आप मकर संक्रांति पर तिल के इन उपायों को कर सकते हैं.
गुड़ का उपाय
मकर संक्रांति पर पीतल के लोटे में जल के साथ गुड़ मिलाकर अर्घ्य दें. तांबे के लोटे में गुड़ मिलाकर अर्घ्य नहीं देना चाहिए. गुड़ का संबंध सूर्य, मंगल और शुक्र ग्रह से होता है. इस उपाय का करने से शरीर और मन से नकारात्मकता दूर होती है. आप तिल के साथ गुड़ का दान कर सकते हैं. तिल के साथ गुड़ का दान करने से जीवन में स्थिरता आती है. इस उपाय से सूर्य और शनि की कृपा मिलती है. अटके हुए काम पूरे होते हैं. भाग्य का साथ मिलता है और नौकरी कारोबार में तरक्की होती है.
इसके बारे में अधिक जानने के लिए आप ऊपर दिए गए वीडियो को देखें.
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