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Religion

Jagannath Puri Mandir: जगन्नाथ पुरी मंदिर के रहस्य जो कर देंगे हैरान, जानिए इस मंदिर से जुड़ी रोचक बातें

Jagannath Puri Mandir: ओडिशा के पुरी में स्थित जगन्नाथ मंदिर से कई रहस्य जुड़े हुए हैं जो लोगों को हैरान करते हैं. इस मंदिर की भव्य वास्तुकला और वार्षिक रथ यात्रा काफी प्रसिद्ध है. चलिए इस मंदिर के रहस्यों के बारे में जानते हैं.

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Edited By : Aman Maheshwari Updated: Apr 6, 2026 10:28
Jagannath Puri Mandir
Photo Credit- News24GFX

Jagannath Puri Mandir: ओडिशा का जगन्नाथ मंदिर चार धामों में से एक है. यह मंदिर हिंदू धर्म के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है. पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर भगवान विष्णु के अवसरा श्रीकृष्ण भगवान को समर्पित है. बता दें कि, यह मंदिर ओडिशा के तटवर्ती शहर पुरी में स्थित है. इस मंदिर में भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की लकड़ी की मूर्तियां विराजमान हैं. पुरी जगन्नाथ मंदिर कई रहस्यमयी कारणों से प्रसिद्ध है. चलिए इनके बारे में जानते हैं.

समुद्र की लहरों की आवाज

मंदिर पुरी में समुद्र तट पर स्थापित है. इस मंदिर के पास समुद्र की लहरों का बहुत आवाज आती है. मंदिर के अंदर प्रवेश करने के बाद समुद्र की लहरों की आवाज शांत हो जाती है. ऐसी मान्यता है कि, देवी सुभद्रा ने मंदिर में एकांत के लिए अनुरोध किया था इसके बाद से मंदिर में बिल्कुल आवाज नहीं आती है.

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मंदिर के ऊपर पक्षी नहीं उड़ते

मंदिर के ऊपर कभी भी पक्षी नहीं उड़ते हैं. जबकि, किसी भी घर, मंदिर और मकान के ऊपर पक्षियों का आना स्वाभाविक होता है. पुरी जगन्नाथ मंदिर के ऊपर कोई पक्षी नहीं उड़ता है. मान्यता है कि, भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ मंदिर की रक्षा करते हैं और उनके डर से मंदिर के ऊपर पक्षी नहीं आता है.

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हवा की विपरीत दिशा में लहराता है झंडा

पुरी मंदिर के शिखर पर लगा झंडा हमेशा हवा के विपरीत दिशा में लहरता है. मंदिर का शिखर करीब 45 मंजिला ऊंची इमारत जितना है. जगन्नाथ मंदिर का झंडा रोजाना बदला जाता है. यह परंपरा 800 साल पुरानी है. अगर मंदिर का झंडा किसी दिन नहीं बदला गया को मंदिर को 18 साल के लिए बंद हो सकता है.

मंदिर के शिखर पर स्थापित चक्र

जगन्नाथ मंदिर के शिखर पर नीलचक्र स्थापित है. यह बेहद रहस्यमयी चक्र है. इसे आप किसी भी दिशा से देखेंगे तो यह सामने की ओर से सीधा ही नजर आएगा. इसका मुख हमेशा देखने वाले की ओर सीधा होता है. यह चक्र अष्टधातु से बना है जिसका वजन करीब 2.2 टन बताया जाता है.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Apr 06, 2026 10:28 AM

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