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Holi ke Rivaj: सास-बहु साथ में क्यों नहीं देखती हैं होलिका दहन, नई बहू ससुराल में क्यों नहीं मनाती हैं पहली होली, जानें मान्यताएं

Holi ke Rivaj: होली पर जहां देश रंगों में डूबता है, वहीं नई बहुओं की पहली होली को लेकर अलग परंपराएं निभाई जाती हैं. कई जगह उन्हें ससुराल से मायके भेज दिया जाता है. सास-बहू साथ होलिका दहन नहीं देखतीं हैं? जानिए इसके पीछे की रोचक मान्यताएं और सामाजिक कारण.

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Holi ke Rivaj: होली हर साल पूरे देश में हर्षोल्लास और रंगों के साथ मनाई जाती है. यह पर्व फाल्गुन पूर्णिमा को आता है और हिन्दू धर्म के प्रमुख त्योहारों में गिना जाता है. खास बात यह है कि शादी के बाद नई बहुओं के लिए पहली होली को लेकर देश के अलग-अलग क्षेत्रों कुछ अलग प्रथाएं प्रचलित हैं. कई जगह नवविवाहिताओं को पहली होली मनाने के लिए उनके मायके भेज दिया जाता है. आइए जानते हैं, ऐसा क्यों किया जाता है और क्या हैं इसके पीछे की वजहें और मान्यताएं?

नई बहुओं की पहली होली और ससुराल की दूरी

उत्तर भारत के कई राज्यों में जैसे पंजाब और हरियाणा, यह माना जाता है कि शादी के बाद नवविवाहिता अगर पहली होली ससुराल में मनाती हैं, तो यह अशुभ हो सकता है. खासकर होलिका दहन के समय सास और बहू एक साथ होने से रिश्तों में खटास आ सकती है. इसलिए प्रथा के अनुसार नवविवाहिता को पहले अपने मायके भेजा जाता है. इससे परिवार में स्नेह और अपनापन बना रहता है.

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होलिका की चिता का रहस्य

शास्त्रों में कहा गया है कि होलिका, जो राजा हिरण्यकश्यप की बहन थी, प्रहलाद को मारने के लिए आग में बैठी थी. हालांकि उसे अग्नि से बचने का वरदान मिला था. लेकिन कुछ दिन पहले शादी हुई बहुओं के लिए होलिका दहन देखना अशुभ माना गया है. इसे होलिका की चिता भी कहा जाता है और नवविवाहिता के लिए इसे देखना अनिष्ट का प्रतीक माना जाता है.

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रिश्तों में स्नेह बनाए रखने की चाह

ससुराल में पहली होली न मनाने का एक कारण यह भी है कि शादी के बाद बहू को कई सामाजिक और पारिवारिक मर्यादाओं का ध्यान रखना होता है. ऐसे में होलिका दहन में भाग लेना या रंगों में खेलना असहज हो सकता है. मायके में रहकर, बहू अपने पति और परिवार के साथ आसानी से होली का आनंद ले सकती हैं.

केवल कुछ राज्यों में है यह प्रथा

यह बात ध्यान देने योग्य है कि यह प्रथा पूरे देश में नहीं है. उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों में नवविवाहिता ससुराल में पहली होली आसानी से मनाती हैं. इसलिए इसे पूरे देश पर लागू करना गलत माना जाता है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Feb 20, 2026 07:19 PM

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Shyamnandan

श्यामनंदन पिछले 20 से अधिक वर्षों से पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जहां उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सटीक, सरल और उपयोगी जानकारी मिल सके। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई की है और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से ज्योतिष का सांगोपांग अध्ययन किया है। वे इस क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं और स्वयं एक प्रगतिशील ज्योतिषविद हैं, जो साल 2015 से धर्म और ज्योतिष विषय पर लगातार लिख रहे हैं। धार्मिक परंपराओं, वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर, राशिफल, अंक ज्योतिष, वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र, व्रत-त्योहार, पूजा-पद्धति और आध्यात्मिक विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पहचान है। डिजिटल मीडिया, SEO और कंटेंट रणनीति की उन्हें गहरी और अच्छी समझ है।

संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 𝕀𝕟 ~ LinkedIn:
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