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Gupt Navratri 2026 8th Day: आज गुप्त नवरात्रि के 8वें दिन करें मां बगलामुखी की अराधना, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और मंत्र

Gupt Navratri Ashtami 2026: आज 21 जुलाई 2026 को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है. ऐसे में गुप्त नवरात्रि का आठवां दिन है. हिंदू धर्म में दस महाविद्याओं में से आठवीं महाविद्या मां बगलामुखी को माना जाता है. भक्त आज देवी बगलामुखी की पूजा-अर्चना करें.

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Gupt Navratri Ashtami 2026: आज आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है. ऐसे में गुप्त नवरात्रि का आठवां दिन है. यह दिन 10 महाविद्याओं में से आठवीं देवी मां बगलामुखी की पूजा के लिए समर्पित होता है. आज अष्टमी तिथि के दिन मासिक दुर्गाष्टमी और पार्वती जयंती का पर्व भी है. गुप्त नवरात्रि में आज के दिन भक्तों को मां बगलामुखी की पूजा करनी चाहिए. आइये देवी बगलामुखी की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, मंत्र और आरती के बारे में जानते हैं.

मां बगलामुखी पूजा शुभ मुहूर्त (Maa Bagalamukhi Shubha Muhurat)

ब्रह्म मुहूर्त- 04:14 ए एम से 04:55 ए एम
अभिजित मुहूर्त- 12:00 पी एम से 12:55 पी एम
गोधूलि मुहूर्त- 07:17 पी एम से 07:38 पी एम
सायाह्न सन्ध्या- 07:19 पी एम से 08:20 पी एम
निशिता मुहूर्त- 12:07 ए एम से 12:48 ए एम, 22 जुलाई

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मां बगलामुखी पूजा विधि (Maa Bagalamukhi Puja Vidhi)

मां बगलामुखी की पूजा अर्चना के लिए सुबह जल्दी उठने के बाद स्नान आदि कर साफ वस्त्र पहनें. इसके बाद पूजा स्थान की सफाई कर चौकी स्थापित करें. देवी बगलामुखी की प्रतिमा स्थापित करने के बाद विधि-विधान से पूजा करें. मां बगलामुखी के समक्ष दीपक और धूप जलाएं. फूल माला, फूल और अक्षत अर्पित करें. पीले चावल, मिठाई और फलों का भोग लगाएं. मंत्रों का जाप करें और आरती कर पूजा संपन्न करें.

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मां बगलामुखी पूजा मंत्र (Maa Bagalamukhi Puja Mantra)

श्री हृीं ऐं भगवती बगले मे श्रियं देहि-देहि स्वाहा
ॐ बगलामुखि सर्वविघ्न निवारणी सर्वकष्ट नाशिनी स्वाहा।
ॐ ह्लीं बगलामुखी स्वाहा
ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय,
जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्रीं ॐ स्वाहा”

मां बगलामुखी की आरती (Baglamukhi Mata Ji Ki Aarti)

जय जय श्री बगलामुखी माता, आरति करहुँ तुम्हारी
पीत वसन तन पर तव सोहै, कुण्डल की छबि न्यारी
कर-कमलों में मुद्गर धारै, अस्तुति करहिं सकल नर-नारी
जय जय श्री बगलामुखी माता..
चम्पक माल गले लहरावे, सुर नर मुनि जय जयति उचारी
त्रिविध ताप मिटि जात सकल सब, भक्ति सदा तव है सुखकारी
जय जय श्री बगलामुखी माता..
पालत हरत सृजत तुम जग को, सब जीवन की हो रखवारी
मोह निशा में भ्रमत सकल जन, करहु हृदय महँ, तुम उजियारी
जय जय श्री बगलामुखी माता..

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तिमिर नशावहु ज्ञान बढ़ावहु, अम्बे तुमही हो असुरारी
सन्तन को सुख देत सदा ही, सब जन की तुम प्राण पियारी
जय जय श्री बगलामुखी माता..
तव चरणन जो ध्यान लगावै, ताको हो सब भव-भयहारी
प्रेम सहित जो करहिं आरती, ते नर मोक्षधाम अधिकारी
जय जय श्री बगलामुखी माता…
बगलामुखी की आरती, पढ़े सुनै जो कोय
विनती कुलपति मिश्र की, सुख-सम्पति सब होय

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Jul 21, 2026 06:12 AM

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