Gupt Navratri 2026 7th Day: आज 20 जुलाई 2026 सोमवार के दिन आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है. ऐसे में आज आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का सातवां दिन है. गुप्त नवरात्रि में महाविद्याओं की पूजा का महत्व होता है. आज नवरात्रि के सातवें दिन मां धूमावती की पूजा करनी चाहिए. देवी धूमावती की पूजा से जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां धूमावती को तंत्र साधना, रहस्य, वैराग्य और आत्मज्ञान की देवी के रूप में पूजा जाता है. मां धूमावती की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और मंत्रों के बारे में जानते हैं.
मां धूमावती पूजा शुभ मुहूर्त (Maa Dhumavati Puja Shubha Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त- 04:14 ए एम से 04:55 ए एम
प्रातः सन्ध्या- 04:34 ए एम से 05:36 ए एम
अभिजित मुहूर्त- 12:00 पी एम से 12:55 पी एम
विजय मुहूर्त- 02:45 पी एम से 03:39 पी एम
सायाह्न सन्ध्या- 07:19 पी एम से 08:21 पी एम
निशिता मुहूर्त- 12:07 ए एम से 12:48 ए एम, 21 जुलाई
मां धूमावती पूजा विधि (Maa Dhumavati Puja Vidhi)
मां धूमावती को विधवा स्वरूप वाली देवी के रूप पूजा जाता है. मां धूमावती को वैराग्य, त्याग, तपस्या और आत्मज्ञान की देवी माना जाता है. देवी धूमावती की पूजा से मानसिक एकाग्रता और शांति मिलती है. आप सुबह स्नान करने के बाद साफ वस्त्र पहन लें. इसके बाद पूजा स्थान की सफाई कर मां धूमावती की प्रतिमा स्थापित करें. देवी की प्रतिमा के समक्ष धूप और दीपक जलाएं. मां धूमावती को सफेद फूल अर्पित करें. मंत्रों का जाप करें और मां धूमावती की स्तुति करें. मां धूमावती की पूजा सुहागिन महिलाओं को करने से बचना चाहिए. सुहागिन महिलाएं मां धूमावती की बजाय माता पार्वती का विधि-विधान से पूजा करें.
मां धूमावती की पूजा में करें इन मंत्रों का जाप (Maa Dhumavati Puja Mantra)
ॐ धूं धूं धूमावती स्वाहा
ॐ धूमावत्यै विद्महे संहारिण्यै धीमहि तन्नो धूमा प्रचोदयात्
ॐ धूं धूमावत्यै स्वाहा
ॐ ह्रीं धूं धूं धूमावत्यै दूरजटयै ठः ठः शत्रु विनाशय फट् स्वाहा
ॐ धूं धूमावती देवदत्त धावति स्वाहा
मां धूमावती स्तुति (Maa Dhumavati Stuti)
विवर्णा चंचला कृष्णा दीर्घा च मलिनाम्बरा,
विमुक्त कुंतला रूक्षा विधवा विरलद्विजा,
काकध्वजरथारूढा विलम्बित पयोधरा,
सूर्पहस्तातिरुक्षाक्षी धृतहस्ता वरान्विता,
प्रवृद्वघोणा तु भृशं कुटिला कुटिलेक्षणा,
क्षुत्पिपासार्दिता नित्यं भयदा काल्हास्पदा
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.