Eid ul Fitr 2026: देश भर के मुसलमानों के लिए 'ईद-उल-फितर' का इंतजार अब खत्म होने वाला है। शुक्रवार की शाम को लखनऊ में ईद के चांद का दीदार हुआ। लेकिन दिल्ली समेत भारत के आसमान में अधिकांश शहरों में शव्वाल का चांद नजर नहीं आया। इसकी सबसे बड़ी वजह थी मौसम की खराबी, जिसके बाद विभिन्न 'रुयत-ए-हिलाल' कमेटियों ने आधिकारिक घोषणा कर दी है। अब भारत में पूरे 30 रोजे मुकम्मल किए जाएंगे और शनिवार 21 मार्च को पूरे देश में खुशी और पुरजोश से ईद मनाई जाएगी। ईद की इस घोषणा के साथ ही बाजारों में रौनक और भी बढ़ गई है।
अरब देशों में आज मनाई गई ईद
सऊदी अरब समेत अधिकांश खाड़ी देशों में आज यानी शुक्रवार, 20 मार्च को ईद का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। वहां बुधवार शाम को चांद नजर नहीं आया था, जिसके कारण उन्होंने गुरुवार को 30वां रोजा रखा और आज शुक्रवार को ईद की नमाज अदा की। सामान्य तौर पर भारत में खाड़ी देशों के एक दिन बाद ईद मनाई जाती है, और इस बार भी वही क्रम देखने को मिला है। अरब के बाजारों में आज सुबह से ही जश्न का माहौल रहा और लोगों ने एक-दूसरे को गले लगकर 'ईद मुबारक' कहा।
यह भी पढ़ें: Eid Special Recipe: इस ईद घर पर बनाएं बेसन के नरम और स्पंजी दही बड़े, मेहमान भी पूछेंगे रेसिपी
भारत में शनिवार को मनेगी 'मीठी ईद'
दिल्ली की जामा मस्जिद, लखनऊ की ईदगाह और मुंबई की हिलाल कमेटियों ने स्पष्ट किया है कि शुक्रवार को कुछ शहरों में चांद दिखने की वजह से अब शनिवार को 1 शव्वाल होगा। राजस्थान के भीलवाड़ा में भी चांद का दीदार हुआ है. रमजान के पवित्र महीने के 30वें रोजे के बाद शनिवार की सुबह ईद की नमाज के साथ इस पर्व का आगाज होगा। इस देरी से उन लोगों को तैयारियों के लिए एक और दिन मिल गया है, जो अंतिम समय की खरीदारी में जुटे थे।
ईद की नमाज का समय और सुरक्षा के इंतजाम
शनिवार सुबह विभिन्न शहरों की ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज का समय तय कर दिया गया है। दिल्ली और उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में सुबह 6:30 बजे से 8:30 बजे के बीच अलग-अलग समय पर नमाज होगी। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया है और यातायात के रूट में भी बदलाव किया गया है ताकि नमाजियों को कोई परेशानी न हो।
आपसी भाईचारे और पकवानों का त्योहार
ईद-उल-फितर को 'मीठी ईद' भी कहा जाता है क्योंकि इस दिन घरों में विशेष रूप से शीर-खुरमा और सेवइयां बनाई जाती हैं। लोग नए कपड़े पहनकर एक-दूसरे के घर जाते हैं और 'ईदी' बांटते हैं। यह त्योहार हमें दान (जकात और फितरा) के जरिए गरीबों की मदद करना सिखाता है। मुस्लिम बस्तियों में देर रात तक दुकानें खुली रहने और लोगों के मिलने-जुलने से एक खास तरह का उत्सवपूर्ण माहौल बना हुआ है।
यह भी पढ़ें: ईद की दावत देने से पहले ऐसे सजाएं अपना डाइनिंग एरिया, मेहमान देखते ही रह जाएंगे आपका आशियाना
Eid ul Fitr 2026: देश भर के मुसलमानों के लिए ‘ईद-उल-फितर’ का इंतजार अब खत्म होने वाला है। शुक्रवार की शाम को लखनऊ में ईद के चांद का दीदार हुआ। लेकिन दिल्ली समेत भारत के आसमान में अधिकांश शहरों में शव्वाल का चांद नजर नहीं आया। इसकी सबसे बड़ी वजह थी मौसम की खराबी, जिसके बाद विभिन्न ‘रुयत-ए-हिलाल’ कमेटियों ने आधिकारिक घोषणा कर दी है। अब भारत में पूरे 30 रोजे मुकम्मल किए जाएंगे और शनिवार 21 मार्च को पूरे देश में खुशी और पुरजोश से ईद मनाई जाएगी। ईद की इस घोषणा के साथ ही बाजारों में रौनक और भी बढ़ गई है।
अरब देशों में आज मनाई गई ईद
सऊदी अरब समेत अधिकांश खाड़ी देशों में आज यानी शुक्रवार, 20 मार्च को ईद का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। वहां बुधवार शाम को चांद नजर नहीं आया था, जिसके कारण उन्होंने गुरुवार को 30वां रोजा रखा और आज शुक्रवार को ईद की नमाज अदा की। सामान्य तौर पर भारत में खाड़ी देशों के एक दिन बाद ईद मनाई जाती है, और इस बार भी वही क्रम देखने को मिला है। अरब के बाजारों में आज सुबह से ही जश्न का माहौल रहा और लोगों ने एक-दूसरे को गले लगकर ‘ईद मुबारक’ कहा।
यह भी पढ़ें: Eid Special Recipe: इस ईद घर पर बनाएं बेसन के नरम और स्पंजी दही बड़े, मेहमान भी पूछेंगे रेसिपी
भारत में शनिवार को मनेगी ‘मीठी ईद’
दिल्ली की जामा मस्जिद, लखनऊ की ईदगाह और मुंबई की हिलाल कमेटियों ने स्पष्ट किया है कि शुक्रवार को कुछ शहरों में चांद दिखने की वजह से अब शनिवार को 1 शव्वाल होगा। राजस्थान के भीलवाड़ा में भी चांद का दीदार हुआ है. रमजान के पवित्र महीने के 30वें रोजे के बाद शनिवार की सुबह ईद की नमाज के साथ इस पर्व का आगाज होगा। इस देरी से उन लोगों को तैयारियों के लिए एक और दिन मिल गया है, जो अंतिम समय की खरीदारी में जुटे थे।
ईद की नमाज का समय और सुरक्षा के इंतजाम
शनिवार सुबह विभिन्न शहरों की ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज का समय तय कर दिया गया है। दिल्ली और उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में सुबह 6:30 बजे से 8:30 बजे के बीच अलग-अलग समय पर नमाज होगी। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया है और यातायात के रूट में भी बदलाव किया गया है ताकि नमाजियों को कोई परेशानी न हो।
आपसी भाईचारे और पकवानों का त्योहार
ईद-उल-फितर को ‘मीठी ईद’ भी कहा जाता है क्योंकि इस दिन घरों में विशेष रूप से शीर-खुरमा और सेवइयां बनाई जाती हैं। लोग नए कपड़े पहनकर एक-दूसरे के घर जाते हैं और ‘ईदी’ बांटते हैं। यह त्योहार हमें दान (जकात और फितरा) के जरिए गरीबों की मदद करना सिखाता है। मुस्लिम बस्तियों में देर रात तक दुकानें खुली रहने और लोगों के मिलने-जुलने से एक खास तरह का उत्सवपूर्ण माहौल बना हुआ है।
यह भी पढ़ें: ईद की दावत देने से पहले ऐसे सजाएं अपना डाइनिंग एरिया, मेहमान देखते ही रह जाएंगे आपका आशियाना