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Dev Deepawali 2025 Date: जानिए कब है देव दीपावली, जब धरती पर इस जगह दिवाली मनाते हैं देवता

Dev Deepawali 2025 Date: हिंदू धर्म में मनुष्यों की दिवाली के बाद देवता भी दिवाली मनाते हैं, जिसे ‘देव दीपावली’ कहते हैं। क्या आप जानते हैं, यह त्योहार कब और कहां मनाया जाता है? आइए जानते हैं, उस खास जगह और तारीख के बारे में, जहां देवता धरती पर आकर दिवाली मनाते हैं।

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Dev Deepawali 2025 Date: हिन्दू धर्म में मनुष्यों की दिवाली के बाद एक दिन ऐसा आता है, जब देवता भी दिवाली मनाते हैं। देवताओं की यह दिवाली स्वर्ग में नहीं बल्कि धरती पर एक खास जगह पर होती है। चूंकि इस दिवाली में देवता शामिल होते हैं, इसलिए इसे ‘देव दीपावली’ कहते हैं। आइए जानते हैं, इस साल देव दीपावली कब है और वो जगह कहां हैं, जहां देवता स्वर्ग से उतरकर दिवाली मनाने आते हैं?

देव दीपावली 2025 कब है?

देव दीपावली यानी ‘देवताओं की दिवाली’ के दिन देवता स्वर्ग से उतरकर धरती पर आते हैं और दिवाली का उत्सव मनाते हैं। यह उत्सव हर साल कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है, जो इस बार 5 नवंबर 2025 को को पड़ रही है। यह त्योहार को हिन्दू धर्म में बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।

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क्यों मनाई जाती है देव दीपावली?

देव दीपावली को त्रिपुरारी पूर्णिमा भी कहा जाता है। इसके पीछे एक प्राचीन कथा है, जिसमें सभी देवी-देवता और ऋषि त्रिपुरासुर नामक राक्षस से परेशान थे। कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध कर सभी देवताओं और संसार की रक्षा की थी। इस विजय की खुशी में देवताओं ने दिवाली मनाई थी, इसलिए यह पर्व ‘देव दीपावली’ के नाम से जाना जाता है।

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देव दीपावली का महत्व

मान्यता है इस दिन पवित्र नदियों के किनारे दीपदान करने से भगवान का विशेष आशीर्वाद मिलता है, पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष के द्वार खुलते हैं। इसके अलावा, इस दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने पर मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं।

काशी होता है अनूठा उत्सव

पुराणों के अनुसार, त्रिपुरासुर के वध होने की खुशी में देवताओं ने काशी में दिवाली मनाई थी। तब से काशी के घाटों पर देव दीपावली का त्योहार सबसे भव्य रूप से मनाया जाता है। कहते हैं, इस दिन सभी देवता भी स्वर्ग से उतरकर काशी आ जाते हैं और यहां के मंदिरों में दीये जलाते हैं। इस दिन न केवल काशी के लोग बल्कि दूर-दूर से लोग घाटों पर लाखों दीये जलाते हैं, जिसकी रोशनी पूरे शहर को जगमगाती है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Oct 23, 2025 03:19 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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