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महामारी, सुनामी, भूकंप और युद्ध से होगा महाविनाश? 31 साल बाद आषाढ़ माह में बना ‘दुर्योग काल’

Ashadha 2024: आषाढ़ माह की कृष्ण पक्ष की दो तिथियों का क्षय होने वाला है। इस संयोग को 'दुर्योग काल' कहा जाता है। जिसका प्रभाव और परिणाम शुभ नहीं माना गया है। कहते हैं, महाभारत युद्ध होने से पहले भी ऐसी स्थिति बनी थी। आइए जानते हैं, इस दुर्योग काल का देश-दुनिया पर क्या असर होने की संभावना है?

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Ashadha 2024: हिन्दू पंचांग के तिथियों के कुछ योग और समीकरण कुछेक सालों बाद खुद को दोहराते देखे गए हैं। साल 2024 आषाढ़ माह भी कुछ ऐसा ही संयोग बना रहा है। 23 जून से शुरू हुआ यह माह केवल 29 दिन का है। ऐसा तिथि के क्षय या लोप होने से हो रहा है। आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है?

सूर्य-चंद्र की गति का असर

प्रायः एक महीने में कृष्ण और शुक्ल दो पक्ष होते हैं। प्रत्येक पक्ष में 15 तिथियां होती है और इस प्रकार 30 दिनों का एक माह होता है। लेकिन इस वर्ष सूर्य और चंद्र की गति के कारण आषाढ़ माह में एक विशेष संयोग बन रहा है। इस साल वर्तमान विक्रम संवत 2081 का आषाढ़ माह का कृष्ण पक्ष 15 दिन की बजाय केवल 13 दिन का होगा। ऐसा दो तिथियों के क्षय (लोप) होने के कारण हो रहा है।

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1993 में में बना था ऐसा ‘दुर्योग काल’

आषाढ़ माह की कृष्ण पक्ष की दो तिथियों का क्षय 23 जून से 5 जुलाई के बीच होगा। पंचांग के मुताबिक, इस साल आषाढ़ कृष्ण द्वितीया (आषाढ़ का दूसरा दिन) और आषाढ़ कृष्ण चतुर्दशी तिथि का लोप हो रहा है। ऐसी स्थति अब से 31 साल पहले सन 1993 में बनी थी। तब आषाढ़ माह का शुक्ल पक्ष 13 दिन का था। दैवयोग से बने इस प्रकार के संयोग को ‘दुर्योग काल’ कहा जाता है। जिसका प्रभाव और परिणाम शुभ नहीं माना गया है।

दुनिया के लिए संकट का काल

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, जब-जब पंचांग की तिथियों में इस प्रकार से तिथि का लोप होता है, वह देश-दुनिया के लिए विनाशकारी साबित होता है। कहते हैं, महाभारत से पहले भी ऐसा ही दुर्योग काल आया था। प्राकृतिक आपदाएं, जैसे महामारी, सुनामी, भूकंप आदि की बारंबारता बढ़ जाती है। राजनीतिक उथल-पुथल से दुनिया के देशों में तनाव बढ़ता है। युद्ध की विभीषिका से आमजन परेशान होते हैं। राजनेताओं की हत्याएं हो सकती हैं। कई देशों में तख्तापलट की घटनाएं होती हैं। साथ ही, अन्य अप्रत्याशित घटनाओं के होने की आशंका रहती है।

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नहीं करने चाहिए हैं मांगलिक कार्य

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, दुर्योग काल के 13 दिनों तक शुभ काम या कोई भी मांगलिक काम नहीं करना चाहिए। इस अवधि में सगाई, मंगनी, रोका, शादी-विवाह, उपनयन, मुंडन, कर्ण-नासिका छेदन, भूमि पूजन, गृह प्रवेश और अन्य 16 हिन्दू संस्कार करने की मनाही होती है। इस बार चातुर्मास 118 दिन का होगा, जबकि पिछले साल चातुर्मास 148 दिन के थे। चातुर्मास के बाद आने वाले त्योहार पिछले साल के मुकाबले इस बार 11 से 12 दिन पहले आने योग बने हैं। ये दुर्लभ संयोग करीब 31 साल बाद देखने को मिल रहे हैं।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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First published on: Jun 25, 2024 07:28 AM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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