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Religion

Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण में गर्भवती महिलाएं क्यों नहीं जाती हैं घर से बाहर, जानें सूतक काल और सावधानियां

Chandra Grahan 2026: हर साल होने वाले चंद्र और सूर्य ग्रहण सिर्फ खगोल विज्ञान नहीं, बल्कि धर्म और ज्योतिष से जुड़े हैं . जानें क्यों गर्भवती महिलाओं को ग्रहण में घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए, सूतक काल कब तक रहेगा और सुरक्षा के आसान उपाय क्या हैं?

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Written By: Shyamnandan Updated: Feb 27, 2026 18:43
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Chandra Grahan 2026: हर साल 2-3 बार सूर्य और चंद्र ग्रहण होते हैं. हमारे देश में इन्हें सिर्फ खगोल विज्ञान की घटना नहीं बल्कि धर्म और ज्योतिष से जोड़ा जाता है. ग्रहण के दौरान कई नियम और परंपराएं प्रचलित हैं, जिनमें सूतक प्रमुख है. विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के लिए ग्रहण के समय घर के भीतर रहने की सलाह दी जाती है. यह नियम सिर्फ धार्मिक नहीं बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है. आइए जानते हैं कि चंद्र ग्रहण में गर्भवती महिलाओं को क्यों बाहर नहीं निकलना चाहिए और सूतक काल कब तक रहेगा?

ग्रहण और राहु-केतु का प्रभाव

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहु और केतु सूर्य या चंद्रमा को अपनी छाया में ढक देते हैं, जिससे ग्रहण होता है. इस दौरान इन ग्रहों का प्रभाव अत्यधिक माना जाता है. यदि गर्भवती महिला सीधे ग्रहण के समय बाहर रहती है, तो उसके गर्भ में पल रहे शिशु पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. शिशु में अंगों की वृद्धि प्रभावित हो सकती है या जन्मजात रोगों का खतरा बढ़ सकता है.

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वैज्ञानिक दृष्टि से सावधानी

विज्ञान भी बताता है कि ग्रहण के समय कुछ हानिकारक किरणें पृथ्वी पर आती हैं. सीधे इन किरणों का संपर्क शरीर और विशेषकर गर्भ पर नकारात्मक असर डाल सकता है. इसलिए गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय घर के भीतर रहना चाहिए. इससे वे और उनके शिशु दोनों सुरक्षित रहते हैं.

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चंद्र ग्रहण का सूतक काल

3 मार्च, मंगलवार को चंद्र ग्रहण दोपहर 03:23 से शाम 06:47 तक रहेगा. इसके सूतक की शुरुआत सुबह 09:06 से होगी और शाम 06:47 तक चलेगा. इस दौरान गर्भवती महिलाएं भूलकर भी घर से बाहर न निकलें. विद्वानों के अनुसार यही समय सबसे संवेदनशील माना जाता है.

सावधानियां और सुझाव

ग्रहण के समय घर के भीतर रहना, भोजन साफ-सुथरा करना और मानसिक शांति बनाए रखना लाभकारी होता है. खिड़कियों और दरवाजों को बंद रखना, सीधे सूर्य या चंद्र की ओर देखने से बचना भी जरूरी है. इन सरल उपायों से गर्भवती महिलाएं और उनका शिशु सुरक्षित रह सकते हैं.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Feb 27, 2026 06:43 PM

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