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Religion

Chaitra Purnima 2025: चैत्र पूर्णिमा पर लगी भद्रा, जानें पूजा और सन्ना-दान का शुभ मुहूर्त

सनातन धर्म के लोगों के लिए चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि का खास महत्व है, जिस दिन चंद्र देव, हनुमान जी, विष्णु जी और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। हालांकि इस बार चैत्र पूर्णिमा पर भद्रा लग रही है, जिस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। चलिए जानते हैं चैत्र पूर्णिमा पर देवी-देवताओं और स्नान-दान के शुभ मुहूर्त के बारे में।

30 मार्च 2025 से हिंदू नववर्ष का आरंभ हो गया है। इस समय चैत्र माह चल रहा है, जिसकी पहली पूर्णिमा चैत्र पूर्णिमा है। प्राचीन काल में इसी तिथि पर भगवान हनुमान का जन्म हुआ था। इसलिए हर साल चैत्र माह में आने वाली पूर्णिमा तिथि को हनुमान जयंती का पर्व मनाया जाता है। इस दिन हनुमान जी की पूजा करने के साथ-साथ चंद्र देव, विष्णु जी और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। साथ ही किसी पवित्र नदी में स्नान और जरूरतमंद लोगों को दान देना शुभ रहता है।

मान्यता है कि चैत्र पूर्णिमा पर पूजा-पाठ करने से साधक को पुण्य मिलता है और पापों से छुटकारा मिलता है। इसके अलावा घर-परिवार में सुख, खुशी, शांति, धन और वैभव आदि सकारात्मकता का वास होता है। चलिए जानते हैं चैत्र पूर्णिमा की सही तिथि और पूजा के शुभ मुहूर्त के बारे में।

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2025 में कब है चैत्र पूर्णिमा?

वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, इस साल चैत्र पूर्णिमा तिथि का प्रारम्भ 12 अप्रैल 2025 को सुबह 03:21 मिनट से हो रहा है, जिसका समापन अगले दिन 13 अप्रैल 2025 को सुबह 05:51 मिनट पर होगा। ऐसे में 12 अप्रैल 2025, दिन शनिवार को चैत्र पूर्णिमा मनाई जाएगी।

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चैत्र पूर्णिमा की पूजा के शुभ मुहूर्त

चैत्र पूर्णिमा पर ब्रह्म मुहूर्त प्रात काल: में 4 बजकर 29 मिनट से लेकर 5 बजकर 14 मिनट तक है। इसके बाद अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 56 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 48 मिनट तक है। 12 अप्रैल 2025 को स्नान और दान का उत्तम मुहूर्त सुबह 7 बजकर 35 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 10 मिनट तक है। शनिवार को सुबह 9 बजकर 10 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 46 मिनट तक राहुकाल है, जिसमें कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। इस शुभ दिन भगवान हनुमान की पूजा का समय सुबह 7 बजे से लेकर 8 बजकर 30 मिनट तक है।

चैत्र पूर्णिमा पर भद्रा का समय

चैत्र पूर्णिमा के दिन भद्रा लग रही है, जिसका वास पाताल लोक में होगा। भद्रा के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। अन्यथा उस काम में व्यक्ति को सफलता नहीं मिलती है। 12 अप्रैल 2025 को सुबह 5 बजकर 59 मिनट से लेकर शाम 4 बजकर 35 मिनट तक भद्रा रहेगी।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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First published on: Apr 05, 2025 12:48 PM

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Nidhi Jain

निधि की पढ़ने और लिखने में हमेशा से रुचि रही है. पिछले 3 साल से वह डिजिटल मीडिया से जुड़ी हुई हैं. वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रही हैं. न्यूज 24 से जुड़ने से पहले निधि जैन दिल्ली प्रेस संस्थान में कार्यरत थीं. निधि ने Guru Jambheshwar University, Hisar Haryana से BJMC (ग्रेजुएशन) की पढ़ाई की है.

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