Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

Religion

Sankashti Chaturthi 2026: 6 या 7 मार्च, कब है भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी? जानें सटीक डेट, चंद्रोदय का समय और पूजा विधि

Bhalchandra Sankashti Chaturthi 2026: कल 6 मार्च को भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा. यह दिन भगवान गणेश जी की पूजा-अर्चना के लिए खास होता है. भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी पर गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए आप खास उपाय कर सकते हैं.

Author
Edited By : Aman Maheshwari Updated: Mar 5, 2026 08:42
Sankashti Chaturthi 2026
Photo Credit- Social Media

Bhalchandra Sankashti Chaturthi 2026: हर महीने की कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का व्रत होता है. संकष्टी चतुर्थी गणेश जी को समर्पित होता है. अब कल 6 मार्च 2026, दिन शुक्रवार को चैत्र माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी है. यह दिन भगवान गणेश की पूजा के लिए खास होता है. आप भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी के दिन विधि विधान से गणेश जी की पूजा करें. गणेश जी की पूजा शुभ-मांगलिक कार्य से पहले और विघ्न हरण के लिए करते हैं. आपको भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी के दिन गणेश जी की पूजा के साथ खास उपाय करने चाहिए.

भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी 2026

चैत्र माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी की शुरुआत 6 मार्च को शाम 7 बजकर 53 मिनट से होगी और इसका समापन 7 मार्च को शाम 7 बजकर 17 मिनट पर होगा. संकष्टी चतुर्थी व्रत के लिए चंद्रोदय का महत्व होता है ऐसे में भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी 6 मार्च को है. भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी पर आप गणेश जी की पूजा कर आर्थिक परेशानियों से राहत प्राप्त कर सकते हैं. इस व्रत को करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें – Numerology: भावुक स्वभाव के होते हैं इस मूलांक के लोग, जल्दी मान जाते हैं बुरा, इस ग्रह से है संबंध

भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि

संकष्टी चतुर्थी के दिन आप गणेश जी को दूर्वा, मोदक, लड्डू, सिंदूर, और लाल फूल अर्पित करें. इसके साथ ही ॐ भालचंद्राय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें. गणेश जी के “वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ:। निर्विघ्नं कुरु मे देव शुभ कार्येषु सर्वदा॥” मंत्र का जाप करें. शाम के समय चंद्रमा को अर्घ्य दें.

---विज्ञापन---

चंद्रोदय का समय

कल 6 मार्च 2026, दिन शुक्रवार को भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी के दिन चंद्रोदय का समय द्रिक पंचांग के अनुसार रात को 9 बजकर 14 मिनट है. भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी पर आप चंद्रोदय के समय चंद्रमा को दूध का अर्घ्य दें. आप पानी में दूध और अक्षत मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें और चंद्र दर्शन और अर्घ्य देने के बाद व्रत पारण करें.

गणेश जी पूजा मंत्र

  • ॐ एकदन्ताय विद्धमहे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दन्ति प्रचोदयात्॥
  • दन्ताभये चक्रवरौ दधानं, कराग्रगं स्वर्णघटं त्रिनेत्रम्।
    धृताब्जयालिङ्गितमाब्धि पुत्र्या-लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे॥
  • ॐ गणेश ऋणं छिन्धि वरेण्यं हुं नमः फट्॥

विधि-विधान से पूजा के बाद गणेश जी के इन मंत्रों का जाप करें और इसके बाद आरती करें और भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण करें.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Mar 05, 2026 08:35 AM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.