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Baglamukhi Jayanti 2025: मां बगलामुखी दस महाविद्याओं में से आठवीं देवी हैं जिन्हें शत्रु नाशिनी और सिद्धि प्रदान करने वाली मां माना गया है। मां बगलामुखी की जयंती वैशाख मास की शुक्ल पक्ष अष्टमी को मनाई जाती है जिसे मां के प्रकट होने का पावन दिन माना जाता है। इस साल बगलामुखी जयंती 5 मई को मनाई जाएगी। इस दिन विशेष पूजा, हवन, मंत्र-जप और यज्ञ किए जाते हैं।
बगलामुखी मां का स्वरूप अत्यंत तेजस्वी है जहां वे एक हाथ से शत्रु की जीभ पकड़ती हैं और दूसरे हाथ से उन्हें प्राप्त करती हैं। उनकी उपासना करने से न्यायिक मामलों में विजय, शत्रुओं पर नियंत्रण और मानसिक शांति प्राप्त होती है। इस दिन विशेष पूजा, हवन, मंत्र-जप और यज्ञ किए जाते हैं, जिससे मां की कृपा प्राप्त होती है।
आपके जीवन में अगर कानूनी विवाद, रोग, धन से संबंधित परेशानियां हैं और इनका हल नहीं हो रहा है तो आपको मां बगलामुखी की पूजा अवश्य करनी चाहिए ऐसी मान्यता है। तो आइए जानते हैं 7 प्रसिद्ध बगलामुखी मंदिर, जहां आपको परेशानियों से मुक्ति मिलेगी, साथ ही आपकी नकारात्मक शक्तियां दूर होंगी और आत्मबल में वृद्धि होगी।
यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है जो हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित है। माना जाता है कि इस मंदिर में जो भी भक्त आता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है। इस मंदिर की स्थापना द्वापर युग में पांडवों द्वारा की गई थी। आप बगलामुखी जयंती के दिन इस मंदिर में जाकर मां का आशीर्वाद ले सकते हैं।
यह मंदिर भी मां बगलामुखी को समर्पित है और मध्य प्रदेश में स्थित है। यह भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है। यदि आप अपने कानूनी विवादों से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो इस मंदिर में अवश्य जाएं।
बगलीधार मंदिर टिहरी गढ़वाल जिले में स्थित एक शक्तिशाली बगलामुखी मंदिर है। यहां मां की उपासना शत्रु नाश और विजय के लिए की जाती है।
ललितपुर में स्थित यह मंदिर नेपाल का एक प्रमुख बगलामुखी शक्तिपीठ है। यहां सभी नेपाली भक्त बड़ी श्रद्धा और तांत्रिक विधियों से पूजा करते हैं। इस मंदिर का विशेष महत्व शत्रु निवारण और तांत्रिक सिद्धियों के लिए है।
नलखेड़ा मां बगलामुखी मंदिर उज्जैन के पास स्थित है और यह बहुत प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यहां प्रतिदिन हजारों भक्त न्याय, विजय और तांत्रिक साधना के लिए आते हैं। अष्टमी और नवमी के दिन यहां विशेष हवन और यज्ञ का आयोजन होता है।
कामाख्या शक्तिपीठ में मां बगलामुखी की उपासना का विशेष स्थान है। यह स्थान तांत्रिक शक्तियों और साधना के लिए विश्व विख्यात है।
तेलंगाना के शिवमपेट गांव में स्थित यह मंदिर एक शांत और सिद्ध पीठ है। यहां दक्षिण भारत के भक्त बगलामुखी साधना और उपाय के लिए आते हैं।
कांगड़ा जिले के बगांदी गांव में स्थित यह मंदिर पहाड़ों के बीच बसा है। यहां मां की मूर्ति अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है और भक्तों को तुरंत फल मिलता है। आप यहां आकर मां से अपनी सारी मुरादें मांग सकते हैं।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है
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