Apara Ekadashi 2025 : अपरा एकादशी आज, भूलकर भी न करें ये 5 काम

Apara Ekadashi 2025 : 23 मई 2025 को ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है, जिस अपरा एकादशी के नाम से जाना जाता है। अपरा एकादशी पापों को मिटाने और सुख-समृद्धि लाने वाली होती है। इस कारण अपरा एकादशी के दिन कुछ कार्यों को करने से बचना चाहिए।

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Apara Ekadashi 2025 : 23 मई 2025, अपरा एकादशी का शुभ दिन है, जो ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष में मनाई जाती है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-शांति आती है। अपरा एकादशी जीवन में स्थिरता लाती है। इस दिन उत्तरभाद्रपद नक्षत्र शाम 4:02 बजे तक रहेगा, फिर रेवती नक्षत्र लगेगा। प्रीति योग शाम 6:37 बजे तक और इसके बाद आयुष्मान योग रहेगा। इस पवित्र दिन व्रत और पूजा का विशेष महत्व है, लेकिन कुछ कामों से बचना जरूरी है।

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क्या है इस दिन पूजा मुहूर्त?

पंचांग के अनुसार, अपरा एकादशी तिथि 22 मई 2025 को रात 1:12 बजे से शुरू होगी और 23 मई 2025 को रात 10:29 बजे खत्म होगी। उदया तिथि के कारण व्रत 23 मई को रखा जाएगा। पूजा का सबसे शुभ समय ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4:04 से 4:45 बजे तक) है। इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त (सुबह 11:57 से दोपहर 12:50 बजे तक) भी पूजा के लिए अच्छा है। व्रत का पारण 24 मई को सुबह 5:26 से 8:11 बजे तक किया जाएगा। पूजा के लिए सूर्योदय से सुबह 10:35 बजे तक का समय भी शुभ है। इस दौरान भगवान विष्णु की मूर्ति पर पीला कपड़ा बिछाकर, फूल, चंदन, और तुलसी से पूजा करें।

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अपरा एकादशी का महत्व

अपरा एकादशी का अर्थ ‘अपार पुण्य’ है। पुराणों के अनुसार, इस व्रत से गंगा स्नान, पिंडदान, और यज्ञ के बराबर फल मिलता है। यह व्रत ब्रह्म हत्या, निंदा, और झूठ जैसे पापों को मिटाता है। भगवान विष्णु की पूजा करने से धन, यश और मोक्ष मिलता है। यह व्रत नौकरी, बिजनेस, और रिश्तों की परेशानियों को दूर करता है। अपरा एकादशी मन को शांत और विचारों को सकारात्मक बनाती है। इस दिन दान, जैसे अन्न, वस्त्र या जल, करने से सुख-समृद्धि बढ़ती है। पौराणिक कथा के अनुसार, एक राजा को इस व्रत से प्रेत योनि से मुक्ति मिली थी, जिससे इसकी महिमा और बढ़ जाती है। इस दिन कुछ कार्यों को करने से बचना चाहिए। आइए जानते हैं कि इस दिन किन कार्यों को नहीं करना चाहिए?

अपरा एकादशी पर न करें ये काम

  • यह दिन सात्विकता का है। मांस, मछली, अंडा या शराब का सेवन करना मना है।
  • अपरा एकादशी पर झूठ बोलना, बहस करना या गुस्सा करना वर्जित है। यह दिन शांति और सकारात्मक सोच के लिए है। झगड़ा करने से पूजा का फल कम हो सकता है।
  • इस दिन किसी की निंदा या बुराई करने से बचें।
  • लहसुन, प्याज, मसालेदार खाना या बासी भोजन न खाएं। इस दिन चावल का सेवन भी नहीं करना चाहिए।
  • नाखून काटना, बाल काटना या शेविंग करना इस दिन अशुभ माना जाता है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Mohit Tiwari

Mohit Tiwari

मोहित 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन सालों में इन्होंने कई बड़े मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। इनको फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क के साथ ही चैनल, प्रिंट और डिजिटल माध्यम में काम करने का अनुभव है। इसके साथ ही Astroyogi  व अन्य एस्ट्रोलॉजी प्लेटफॉर्म के लिए भी काम कर चुके हैं। इन्होंने एस्ट्रोलॉजी का गहन अध्ययन किया हुआ है। इसके चलते पुराणों और शास्त्रों में छिपे गूढ़ रहस्यों को लोगों तक सरल भाषा में पहुंचाने की कोशिश भी अपने आर्टिकल्स के माध्यम से करते हैं। धर्म के साथ ही लाइफस्टाइल के भी जटिल विषयों को सरलता से पाठकों के समक्ष रखते हैं। अब News 24 के साथ जुड़कर फीचर लेखन का कार्य कर रहे हैं।
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