Maa Vaishno Devi Aarti in Hindi: मां वैष्णो देवी को भगवान विष्णु की भावी पत्नी (कल्कि अवतार) के रूप में पूजा जाता है. मां वैष्णो देवी जम्मू के त्रिकुटा पर्वत पर स्थित गुफा में तीन पिंडियों महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती के रूप में विराजमान हैं. देवी की दर्शन के लिए भक्तों की खूब भीड़ लगती है. वैष्णो देवी मां को प्रसन्न करने के लिए भक्तों को उनकी पूजा-अर्चना करनी चाहिए और मां वैष्णो देवी को आरती कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए.
मां वैष्णो देवी आरती (Maa Vaishno Devi Aarti)
जय वैष्णवी माता, मैया जय वैष्णवी माता।
हाथ जोड़ तेरे आगे, आरती मैं गाता॥
शीश पे छत्र विराजे, मूरतिया प्यारी।
गंगा बहती चरनन, ज्योति जगे न्यारी॥
ब्रह्मा वेद पढ़े नित द्वारे, शंकर ध्यान धरे।
सेवक चंवर डुलावत, नारद नृत्य करे॥
सुन्दर गुफा तुम्हारी, मन को अति भावे।
बार-बार देखन को, ऐ माँ मन चावे॥
भवन पे झण्डे झूलें, घंटा ध्वनि बाजे।
ऊँचा पर्वत तेरा, माता प्रिय लागे॥
पान सुपारी ध्वजा नारियल, भेंट पुष्प मेवा।
दास खड़े चरणों में, दर्शन दो देवा॥
जो जन निश्चय करके, द्वार तेरे आवे।
उसकी इच्छा पूरण, माता हो जावे॥
इतनी स्तुति निश-दिन, जो नर भी गावे।
कहते सेवक ध्यानू, सुख सम्पत्ति पावे॥
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मां वैष्णो देवी बीज मंत्र और भोग
मां वैष्णो देवी का बीज मंत्र “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे” है. मां को प्रसन्न करने के लिए इस मंत्र का जाप करना चाहिए. देवी मां को नारियल, लाल फूल, हलवा, पूड़ी और चने का भोग लगाया जाता है. इसके साथ ही ध्वजा और चुनरी मां वैष्णो देवी अर्पित की जाती है. मां वैष्णो देवी की पूजा करने से जीवन के संकटों और रोगों से रक्षा होती है. इससे घर में सुख-समृद्धि आती है. हर कार्य में सफलता मिलती है.
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