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27 साल के दीपू चंद्र दास की हत्या के मुख्य आरोपी यासीन को ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस की मदद से डेमरा थाना क्षेत्र के सरुलिया से गिरफ्तार किया गया. पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी और आखिरकार उसे पकड़ने में सफलता मिली.

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लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 25 साल का यासीन अराफात वालुका के साउथ होबिरबारी का रहने वाला है. उसी ने फैक्ट्री गेट पर मौजूद भीड़ को उकसाया, जिसके बाद दीपू दास पर हमला हुआ और उसकी लाश को घसीटकर पेड़ से बांधकर जला दिया गया.

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दीपू दास की हत्या के बाद यासीन लगातार अपनी जगह बदलता रहा और 12 दिनों तक ढाका के अलग अलग मदरसों में छुपा रहा. वह शेखाबारी मस्जिद में इमाम के तौर पर काम करता था और डेढ़ साल से एक मदरसे में पढ़ा भी रहा था.

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जानकारी के मुताबिक यासीन अराफात ने अपनी असली पहचान छुपाकर सुफ्फा मदरसे में पढ़ाने की नौकरी हासिल की थी. दीपू दास हत्याकांड में अब तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 9 आरोपियों ने कोर्ट में अपना जुर्म कबूल किया है.

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बांग्लादेश में इंकलाब मंच के प्रवक्ता उस्मान हादी की हत्या के बाद हालात तेजी से बिगड़े. इसके बाद इस्लामिक भीड़ ने कई हिंदुओं के घरों पर हमला किया और आगजनी की घटनाएं सामने आईं.

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18 दिसंबर को 27 साल के दीपू दास पर ईशनिंदा का आरोप लगाया गया और फिर भीड़ ने उसे बेरहमी से पीट पीटकर मार डाला. इस घटना ने पूरे इलाके में डर और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया.

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पिछले 20 दिनों में बांग्लादेश में 6 हिंदुओं की निर्मम हत्या हो चुकी है जिनमें दीपू दास अमृत मंडल बृजेंद्र बिस्वास खोकन चंद्र दास शरत चक्रवर्ती मणि और राणा प्रताप बैरागी शामिल हैं. लगातार हो रही इन घटनाओं ने अल्पसंख्यक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.