SIPRI Report 2025: जब भी शक्तिशाली सेनाओं और हथियारों पर पानी की तरह पैसा बहाने की बात आती है, तो हमारे दिमाग में अमेरिका, रूस या चीन का नाम सबसे पहले आता है. लेकिन हालिया आंकड़ों ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, कतर एक ऐसा छोटा सा मुस्लिम देश बनकर उभरा है, जो अपने हर नागरिक की सुरक्षा यानी 'प्रति व्यक्ति सैन्य खर्च' के मामले में दुनिया के सभी शक्तिशाली देशों से कोसों आगे है.
प्रति व्यक्ति खर्च में कतर का दबदबा

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रिपोर्ट के अनुसार, कतर अपने हर व्यक्ति पर मिलिट्री के लिए सबसे ज्यादा खर्च कर रहा है. अगर अमेरिकी डॉलर में देखें, तो साल 2006 में कतर का प्रति व्यक्ति खर्च 1231 डॉलर था, जो 2022 तक 5428 डॉलर (भारतीय मुद्रा में करीब 4.5 लाख रुपये से ज्यादा) तक पहुंच गया है. यह 340 परसेंट की भारी बढ़ोतरी है, जो कतर की बदलती वैश्विक रणनीति को दर्शाती है. इस सूची में इजराइल दूसरे नंबर पर है, जो अपने प्रति व्यक्ति पर 5108 डॉलर खर्च कर रहा है.
वैश्विक रक्षा बजट 2.88 ट्रिलियन डॉलर के पार

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दुनिया भर में गहराते तनाव और युद्ध के नए फ्रंट खुलने के कारण 2025 में वैश्विक सैन्य खर्च 2.88 ट्रिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. इसका मतलब है कि दुनिया में हर इंसान पर मिलिट्री का औसतन खर्च 350 डॉलर यानी करीब 33 हजार रुपये हो गया है. हालिया युद्धों (ईरान-इजराइल और रूस-यूक्रेन) ने देशों को अपनी एयर डिफेंस और ड्रोन तकनीक को मजबूत करने के लिए मजबूर कर दिया है.
कुल खर्च में अब भी अमेरिका किंग

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भले ही प्रति व्यक्ति खर्च में कतर नंबर-1 हो, लेकिन कुल सैन्य बजट के मामले में अमेरिका का कोई मुकाबला नहीं है. भारत रक्षा बजट के मामले में पांचवें स्थान पर है.
टॉप 5 खर्च वाले देश

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साल 2025 के टॉप 5 खर्च वाले देश इस प्रकार हैं:
अमेरिका: 954 अरब डॉलर
चीन: 336 अरब डॉलर
रूस: 190 अरब डॉलर
जर्मनी: 114 अरब डॉलर
भारत: 92 अरब डॉलर