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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े संकट का असर अब एशिया के दूसरे देशों पर भी दिखने लगा है. जापान में ऊर्जा खर्च बढ़ने के बाद नई बचत योजनाएं शुरू की गई हैं, जिसमें ऑफिस के कर्मचारी हाफ पैंट पहनकर काम पर जा रहे हैं, आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला?
जापान में बदला ऑफिस ड्रेस कोड

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टोक्यो प्रशासन ने सरकारी कर्मचारियों को गर्मियों में हाफ पैंट, हल्के कपड़े और टी-शर्ट पहनकर दफ्तर आने की अनुमति दी है. इसका मकसद बिजली की खपत कम करना और आरामदायक माहौल देना है.
एयर कंडीशनर पर निर्भरता घटाने के लिए शुरू हुई ये योजना

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जापान चाहता है कि ऑफिसों में एसी कम चलाया जाए, ताकि बिजली की बचत हो सके. हल्के कपड़े पहनने से कर्मचारियों को गर्मी कम लगेगी और ऊर्जा उपयोग भी घटेगा.
पुरानी योजना का नया रूप बना 'कूल बिज'

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यह कदम जापान की पुरानी 'कूल बिज' योजना का हिस्सा है, जिसे 2005 में शुरू किया गया था. तब कर्मचारियों को गर्मियों में टाई, कोट और भारी कपड़े न पहनने की सलाह दी गई थी. बता दें कि टोक्यो की गवर्नर युरिको कोइके इस योजना का पूरा समर्थन कर रही हैं. उन्होंने ही करीब 20 साल पहले, जब वे पर्यावरण मंत्री थीं, तब 'कूल बिज' अभियान शुरू किया था.
अब शॉर्ट्स पहनकर पहुंच रहे कर्मचारी

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स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार टोक्यो के कुछ कर्मचारी पहले ही शॉर्ट्स और हल्की टी-शर्ट पहनकर ऑफिस पहुंचने लगे हैं. इससे काम के दौरान गर्मी कम महसूस होती है और काम करने में किसी तरह की असुविधा भी नहीं होती है.
रिकॉर्ड गर्मी ने बढ़ाई जापान के लोगों की परेशानी

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जापान ने हाल के सालों में बेहद गर्म मौसम का सामना किया है. कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा है, जिससे बिजली की मांग और एसी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, ऐसे में इस योजना के चलते लोगों को दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है.
घर से काम और जल्दी ऑफिस भी शामिल

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नई योजना में सिर्फ कपड़े बदलना ही नहीं, बल्कि वर्क फ्रॉम होम और जल्दी काम शुरू करने जैसे विकल्प भी शामिल हैं. इससे पीक समय में बिजली उपयोग कम किया जा सकेगा.
दुनिया के लिए बड़ा संकेत

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जापान का यह कदम दिखाता है कि वैश्विक युद्ध और तेल संकट का असर रोजमर्रा की जिंदगी तक पहुंच सकता है, ऐसे में आने वाले समय में दूसरे देश भी ऐसे फैसले ले सकते हैं. इसलिए ये समझना कि इस युद्ध से सिर्फ और सिर्फ ईरान पर बुरा असर होगा, यह कहीं न कहीं गलत भी है. (Image: Pexels/AI)